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यूपी चुनाव 2022: आगरा में भाजपा, कांग्रेस, सपा-रालोद में टिकट से वंचित दावेदार दिखा रहे बागी तेवर

यूपी चुनाव 2022

सार
टिकटों के बंटवारे को लेकर किसी एक दल कलह नहीं है। सभी दलों में टिकट से वंचित दावेदार बागी तेवर दिखा रहे हैं।  

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आगरा में एक तरफ विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गए हैं। दूसरी तरफ टिकट बंटवारे पर घमासान मचा है। असंतोष के स्वर फूट रहे हैं। टिकट से वंचित दावेदार कहीं बागी तेवर अपना रहे हैं, तो कहीं अपने समर्थकों को आगे कर पार्टी पर दवाब बना रहे हैं। टिकटों को लेकर असंतोष के कारण भाजपा, सपा-रालोद और कांग्रेस पूरे पत्ते नहीं खोल पा रहीं।
भाजपा ने अभी घोषित नहीं किए प्रत्याशी 
जिले की नौ सीटों पर 10 फरवरी को मतदान है। बसपा सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। कांग्रेस ने सात, सपा-रालोद ने पांच प्रत्याशी घोषित किए हैं। भाजपा ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। पिछले दिनों हुए दलबदल से एक तरफ भगवा खेमे में असंतोष के स्वर उठ रहे हैं, जिसके कारण सूची में देर हो रही है। इसका असर शीर्ष नेतृत्व पर पड़ रहा है। 
जिनकी टिकट इस बार कट रही थी, असंतोष के बाद अब हाई कमान यू टर्न ले सकता है। कांग्रेस की प्रत्याशियों की घोषणा के बाद टिकट से वंचित दावेदार भी खुलकर सामने आ रहे हैं। उधर, सपा-रालोद गठबंधन में टिकट से वंचित एक पूर्व विधायक ने बागी तेवर अपना लिए हैं। टिकटों को लेकर शुरू हुई ये रार क्या गुल खिलाएगी ये जल्द साफ हो जाएगा।

भाजपा में सबसे ज्यादा दावेदार
भाजपा में टिकट के लिए सबसे ज्यादा दावेदार हैं। कई दिग्गजों ने लखनऊ और दिल्ली में डेरा डाल रखा है। सपा, रालोद और कांग्रेस में घोषित सीटों में बदलाव के लिए भी दावेदार सक्रिय हैं। राजनीतिक के जानकारों का कहना है कि बदले हुए समीकरणों में नीला खेमा भी घोषित प्रत्याशियों को बदल सकता है। 

इन सीटों पर नहीं खुले पत्ते
भाजपा : एत्मादपुर, खेरागढ़, बाह, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी, आगरा दक्षिण, उत्तर, ग्रामीण और छावनी
सपा : फतेहाबाद, एत्मादपुर, आगरा दक्षिण और आगरा उत्तर विधानसभा क्षेत्र
कांग्रेस : आगरा छावनी और फतेहपुर सीकरी क्षेत्र

विस्तार

आगरा में एक तरफ विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गए हैं। दूसरी तरफ टिकट बंटवारे पर घमासान मचा है। असंतोष के स्वर फूट रहे हैं। टिकट से वंचित दावेदार कहीं बागी तेवर अपना रहे हैं, तो कहीं अपने समर्थकों को आगे कर पार्टी पर दवाब बना रहे हैं। टिकटों को लेकर असंतोष के कारण भाजपा, सपा-रालोद और कांग्रेस पूरे पत्ते नहीं खोल पा रहीं।

भाजपा ने अभी घोषित नहीं किए प्रत्याशी 

जिले की नौ सीटों पर 10 फरवरी को मतदान है। बसपा सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। कांग्रेस ने सात, सपा-रालोद ने पांच प्रत्याशी घोषित किए हैं। भाजपा ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। पिछले दिनों हुए दलबदल से एक तरफ भगवा खेमे में असंतोष के स्वर उठ रहे हैं, जिसके कारण सूची में देर हो रही है। इसका असर शीर्ष नेतृत्व पर पड़ रहा है। 

जिनकी टिकट इस बार कट रही थी, असंतोष के बाद अब हाई कमान यू टर्न ले सकता है। कांग्रेस की प्रत्याशियों की घोषणा के बाद टिकट से वंचित दावेदार भी खुलकर सामने आ रहे हैं। उधर, सपा-रालोद गठबंधन में टिकट से वंचित एक पूर्व विधायक ने बागी तेवर अपना लिए हैं। टिकटों को लेकर शुरू हुई ये रार क्या गुल खिलाएगी ये जल्द साफ हो जाएगा।

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