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UP Election 2022 : फिरोजाबाद में आज होगा सत्ता का संग्राम, चुनावी मुद्दों पर होगी चर्चा, आप भी हो सकते हैं शामिल

फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022

फिरोजाबाद का प्राचीन नाम चन्द्वार नगर था। बताया जाता है कि अकबर के शासन में 1566 में फिरोज शाह मंसब ने इसका नाम बदलकर फिरोजाबाद कर दिया था। यहां का दिगम्बर जैन मंदिर और मार्सलगंज जैन मंदिर जैन अनुयायियों के बीच काफी प्रसिद्ध है। इसके अलावा वैष्णव देवी मंदिर, गोपाल आश्रम, हनुमान मंदिर, बाबा नीम करोरी महाराज की जन्मस्थली यहां के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। पर्यटन के लिहाज से यहां पाढ़म, चंदवार गेट, सूफी साहब मजार, रपड़ी, सांती, शाही मस्जिद, फिरोजशाह का मकबरा, राजा का ताल भी काफी चर्चित है।

ऐसे धार्मिक और ऐतिहासिक फिरोजाबाद में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान इनमें से चार पर भारतीय जनता पार्टी और एक पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार की जीत हुई थी। अब अगले साल यहां फिर से चुनाव होने हैं। ऐसे में इस बार आम लोगों के लिए चुनाव में क्या मुद्दे होंगे? युवा, महिलाएं और यहां की आम जनता मौजूदा सरकार के बारे में क्या सोचती है? क्या इन साढ़े चार साल में फिरोजाबाद का विकास हो पाया या नहीं? राजनीतिक दलों के नेताओं का क्या मानना है? वह किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे? ऐसे तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए  चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ आज (शुक्रवार) फिरोजाबाद में होगा।

आप भी इस मंच से जुड़ सकते हैं। इसके जरिए आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दों को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप वोट करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?

कब और कहां होंगे कार्यक्रम ?
1. सुबह 8 बजे
चाय  पर चर्चा
स्थान: बस स्टैंड के समीप राहुल टी- स्टॉल

2. शाम चार बजे
प्रमुख राजनतिक दलों के अध्यक्षों के साथ चर्चा
स्थान: गोपाल आश्रम परिसर स्थित मैदान

अब तक इन जिलों में हुआ कार्यक्रम
अब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यह कार्यक्रम हो चुका है। गाजियाबाद से शुरू हुआ ‘सत्ता का संग्राम’ मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, मैनपुरी होते हुए एटा पहुंच चुका है। अब अगला पड़ाव फिरोजाबाद है।

‘सत्ता का संग्राम’ में क्या होगा खास?
चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। महिलाओं-युवाओं से संवाद होगा और राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। आपको एक मंच दे रहा है, जहां आप बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।

विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की भी व्यवस्था की गई है।

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