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Kanpur News: मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने KDA में संभाला OSD पद का चार्ज… पति को याद कर छलके आंसू

Kanpur News: मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने KDA में संभाला OSD पद का चार्ज... पति को याद कर छलके आंसू

सुमित शर्मा, कानपुर
कानपुर में रहने वाले मनीष गुप्ता की गोरखपुर पुलिस ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता मंगलवार को केडीए पहुंचीं और ओएसडी पद का चार्ज संभाला। मीनाक्षी जब कुर्सी पर बैठी तो भावुक हो गईं और पति को याद फफक कर रोने लगीं। मीनाक्षी के भाई और परिवारीजनों ने उन्हें शांत कराया।

रविवार को बीजेपी विधायक सुरेंद्र मैथानी और केडीए के अपर सचिव गुडाकेश शर्मा मीनाक्षी गुप्ता के घर पहुंचे थे। केडीए अपर सचिव और विधायक ने मनीष की पत्नी मीनाक्षी को ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) पद का नियुक्ति पत्र सौंपा था। केडीए के अधिकारियों ने मीनाक्षी से सोमवार को ज्वाइनिंग करने के लिए कहा, लेकिन सोमवार को मनीष गुप्ता की तेरहवीं होने की वजह से मंगलवार को ज्वाइन करने के लिए पहुंची थीं।

कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के बर्रा तीन में रहने वाले मनीष गुप्ता बीते 27 सितंबर को दोस्तों के साथ गोरखपुर गए थे। बीते 27 सितंबर की रात गोरखपुर की रामगढ़ताल पुलिस होटल में चेकिंग करने के लिए गई थी। पुलिस कर्मियों ने चेकिंग के नाम पर मनीष और उसके दोस्तों की बेरहमी से पिटाई की थी। जिसमें कानपुर के मनीष गुप्ता की मौत हो गई थी। इस मामले ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया था। कांग्रेस और एसपी ने प्रदेश सरकार को घेरने का काम किया था।

बेटे और भाई के साथ केडीए पहुंचीं मीनाक्षी
मंगलवार को मीनाक्षी बेटे अभिराज (04), भाई सौरभ और चाचा के साथ केडीए पहुंचीं। मीनाक्षी केडीए वीसी अरविंद सिंह के ऑफिस में मुलाकात की। केडीए वीसी ने मीनाक्षी के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच की। इसके साथ ही कागजातों में हस्ताक्षर कराए। इसके बाद उन्होंने नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर कर मीनाक्षी को चार्ज दिलाया।

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सीएम ने किया था नौकरी देने का वादा
मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता और परिवार के सदस्यों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीनाक्षी गुप्ता को सरकारी नौकरी, परिवार को 40 लाख की आर्थिक मदद, घटना की सीबीआई जांच और एसआईटी का गठन कर जांच को गोरखपुर से कानपुर ट्रांसफर करने का अश्वासन दिया था। सरकार ने मीनाक्षी के परिवार की सभी मांगों को मान लिया था।

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