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वाराणसी: टूटती सांसों को मिल गया सहारा, शुरू हुआ नया ऑक्सिजन प्लांट, रोज 450 सिलिंडरों का होगा उत्पादन

वाराणसी: टूटती सांसों को मिल गया सहारा, शुरू हुआ नया ऑक्सिजन प्लांट, रोज 450 सिलिंडरों का होगा उत्पादन

अभिषेक जायसवाल, वाराणसीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अस्पतालों में ऑक्सिजन की किल्लत के बीच अब संजीवनी मिल गई है। रोहनिया के दरेखू में वर्षों से बन्द पड़े ऑक्सिजन प्लांट से बुधवार से दोबारा सिलिंडरों का उत्पादन शुरू हो गया। मंगलवार देर रात प्लांट पर सफल टेस्टिंग हुई। जिलाधिकारी कौशक राज शर्मा के अलावा राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल भी प्लांट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि इस ऑक्सिजन प्लांट से प्रतिदिन 400 से 450 सिलिंडरों का उत्पादन किया जाएगा। प्लांट शुरू हो जाने से अस्पतालों के अलावा होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को भी ऑक्सिजन सिलिंडरों की आपूर्ति हो सकेगी।अस्पताल में बढ़ेंगे 120 बेडजिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के मुताबिक, हर दिन इस प्लांट से होम आइसलेशन में रहने वाले करीब 150 मरीजों को ऑक्सिजन सिलिंडर मिल सकेगा। इसके अलावा अस्पतालों में ऑक्सिजन की सप्लाई बढ़ने से 120 बेड बढ़ाए जा सकते हैं।अन्नपूर्णा इंड्रस्ट्रीयल गैस कर रहा संचालनरोहनिया के दरेखू स्थित कामरूप गैस इंड्रस्टी वर्षों पहले बंद हुई थी। कंपनी के अकाउंटेंट के मुताबिक, मुनाफे से अधिक बिजली के बिल के कारण प्लांट के संचालक ने इसे बन्द करने का फैसला लिया था। कोरोना के कारण टूटते सांसों की डोर को जोड़ने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने प्लांट का अधिग्रहण कर अन्नपूर्णा इंड्रस्ट्रीयल गैस को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है।

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