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कलयुगी बाप ने बेटे को कुल्हाड़ी से काटकर उतारा मौत के घाट, पुलिस ने किया गिरफ्तार

कत्ल

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थाना क्षेत्र के विरवल गांव में शनिवार रात शराबी बेटे की हरकतों से अजीज आकर उसके पिता ने उसकी कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी पिता घंटों शव के पास बैठा रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बिरवल गांव निवासी लालाराम पांडे उर्फ साधू पांडेय के तीन बेटों में शशिकांत पांडेय (26) वर्ष अकेला घर में रहता है। इसके दो भाई रमाकांत पांडेय और उमाकांत पांडेय सूरत में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उसकी पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पड़ोसियों  ने बताया कि पिछले काफी दिनों से शशिकांत की सोहबत बिगड़ गई थी और वह अक्सर दारू के नशे में गलत काम करता था। शनिवार को भी वह देर रात शराब के नशे में घर आया। पिता लालाराम ने जब उसे समझाने का प्रयास किया तो वह उन्हीं से झगड़ बैठा और मारपीट करने लगा।पुलिस के अनुसार बेटे की रोज-रोज की प्रताड़ना से आजिज  लालाराम ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठा कर बेटे के ऊपर हमला कर दिया। हमले से शशिकांत के दोनों हाथ कट गए और गला कटने से उसकी मौत हो गई। बेटे की हत्या के बाद भी आरोपी  पिता उसके शव के पास ही बैठा रहा। पड़ोसियों से सूचना पाकर पुलिस पहुंची और उसे गिरफ्तार कर थाने ले आई। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रविवार को दोपहर बाद आरोपी के दमाद सुनील कुमार त्रिपाठी पुत्र राम मूरत त्रिपाठी निवासी ब्यूर थाना कर्वी चित्रकूट की तहरीर पर लालाराम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। संवाद 
पहले भी लग चुका है आरोपी बाप पर हत्या का आरोप
लालाराम पांडे के तीसरे नंबर के बेटे सूर्यकांत पांडे की 2010 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसका शव गांव के बाहर बाग में पेड़ के सहारे फांसी पर लटकता मिला था। उस समय भी लोगों ने दबी जुबान से लालाराम पर ही शक किया था, लेकिन मामले को रफा-दफा कर दिया गया था। शनिवार को जब शशिकांत पांडेय की हत्या में लालाराम गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तो गांव में यह चर्चा आम रही थी सूर्यकांत की मौत में भी लालाराम का हाथ रहा होगा। संवाद

थाना क्षेत्र के विरवल गांव में शनिवार रात शराबी बेटे की हरकतों से अजीज आकर उसके पिता ने उसकी कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी पिता घंटों शव के पास बैठा रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

बिरवल गांव निवासी लालाराम पांडे उर्फ साधू पांडेय के तीन बेटों में शशिकांत पांडेय (26) वर्ष अकेला घर में रहता है। इसके दो भाई रमाकांत पांडेय और उमाकांत पांडेय सूरत में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उसकी पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पड़ोसियों  ने बताया कि पिछले काफी दिनों से शशिकांत की सोहबत बिगड़ गई थी और वह अक्सर दारू के नशे में गलत काम करता था। शनिवार को भी वह देर रात शराब के नशे में घर आया। पिता लालाराम ने जब उसे समझाने का प्रयास किया तो वह उन्हीं से झगड़ बैठा और मारपीट करने लगा।

पुलिस के अनुसार बेटे की रोज-रोज की प्रताड़ना से आजिज  लालाराम ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठा कर बेटे के ऊपर हमला कर दिया। हमले से शशिकांत के दोनों हाथ कट गए और गला कटने से उसकी मौत हो गई। बेटे की हत्या के बाद भी आरोपी  पिता उसके शव के पास ही बैठा रहा। पड़ोसियों से सूचना पाकर पुलिस पहुंची और उसे गिरफ्तार कर थाने ले आई। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रविवार को दोपहर बाद आरोपी के दमाद सुनील कुमार त्रिपाठी पुत्र राम मूरत त्रिपाठी निवासी ब्यूर थाना कर्वी चित्रकूट की तहरीर पर लालाराम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। संवाद
 
पहले भी लग चुका है आरोपी बाप पर हत्या का आरोप
लालाराम पांडे के तीसरे नंबर के बेटे सूर्यकांत पांडे की 2010 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसका शव गांव के बाहर बाग में पेड़ के सहारे फांसी पर लटकता मिला था। उस समय भी लोगों ने दबी जुबान से लालाराम पर ही शक किया था, लेकिन मामले को रफा-दफा कर दिया गया था। शनिवार को जब शशिकांत पांडेय की हत्या में लालाराम गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तो गांव में यह चर्चा आम रही थी सूर्यकांत की मौत में भी लालाराम का हाथ रहा होगा। संवाद