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UP Panchayat chunav result : यूपी पंचायत चुनावों से गांवों में फैल रहा कोरोना? अब काउंटिंग के दौरान की स्थितियां बढ़ा रही टेंशन

UP Panchayat chunav result : यूपी पंचायत चुनावों से गांवों में फैल रहा कोरोना? अब काउंटिंग के दौरान की स्थितियां बढ़ा रही टेंशन

हाइलाइट्स:यूपी में पंचायत चुनाव कराने को लेकर उठ रहा था विवादविपक्ष से लेकर कई लोग यूपी पंचायत चुनाव टालने की कर रहे थे मांगतमाम प्रयास के बाद भी नहीं टाले गए यूपी पंचायत चुनाव, अब काउंटिंग भी हुई शुरूपंचायत चुनाव में वोटिंग के लिए गांव लौटे कई प्रवासी श्रमिकराकेश तिवारी, सुलतानपुरयूपी पंचायत चुनाव, गांवों में कोरोना का सुपर स्प्रेडर साबित हो रहा है। पंचायत चुनाव में बे-रोकटोक आए प्रवासियों की वजह से गांव में कोरोना का प्रसार बढ़ने की आशंका है। स्थिति यह है कि गांवों में न के बराबर दिखने वाला कोरोना संक्रमण अब 40-60 फीसदी के उछाल पर है। खांसी-बुखार के मरीजों की भी बढ़ोतरी हो रही है।बड़े शहरों में मचे हाहाकार के बाद कोरोना ने अब गांवों में भी तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है। फिजिशन डॉ. सुधाकर के मुताबिक पंचायत चुनाव ने कोरोना स्प्रेडर की भूमिका निभाई है। गांवों में कोरोना के केस चुनाव के बाद से बढ़ने लगे हैं। जो मतदान कार्मिक गांवों में मतदान करवाने आए, उनकी कोरोना जांच नहीं हुई।UP Panchayat Chunav Result LIVE : यूपी में पंचायत चुनावों की मतगणना जारी, लखनऊ में कोरोना प्रोटोकॉल टूटे, जानें हर अपडेटचुनाव में लौटे हैं प्रवासी मजदूरकई चुनाव कर्मचारियों में कोरोना का संक्रमण मिला है। ऐसे में जाहिर है कि जो भी उनके संपर्क में आए थे, वे संक्रमित हुए होंगे। ऐसी एक बड़ी संख्या हो सकती है। पंचायत चुनाव में देश में इधर-उधर काम करने वाले ज्यादातर प्रवासी मजदूर लौटे हैं। क्योंकि इन चुनावों में एक-एक वोट कीमती होता है। अब चूंकि यह प्रवासी उन महानगरों से लौटे हैं, जहां कोरोना की दूसरी लहर ने पहले अटैक किया है, इसलिए यह अब यूपी में भी फैल रहा है।निगरानी समितियां गायबकोरोना महामारी में लोगों तक राहत सामग्रियां पहुंचा रहे सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक सिंह बताते हैं कि कोरोना की पहली वेब में गांव में निगरानी समिति बनी थीं, जो गांव में बाहर से आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखती थी और प्रशासन को जानकारी देती थी। इसके बाद ऐसे लोगों को क्वारंटीन कर दिया जाता था। अब गांवों में क्वारंटीन सेंटर हैं नहीं। निगरानी समितियां भी निष्क्रिय हैं जिससे कौन आ-जा रहा है इसके बारे में कुछ पता नहीं है।पंचायत चुनाव में उमड़ी भीड़

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