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कोरोना के बढ़ते संक्रमण का कारण ढूंढने में जुटे चिकित्सक, केजीएमयू भेजा गया 10 संक्रमितों का नमूना

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अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 08 Apr 2021 12:23 AM IST

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जिले में कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक संक्रमण फैलने का कारण ढूंढने में जुट गए हैं। इसकेलिए उन्होंने 10 संक्रमितों का नमूना किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमयू) भेजा है। वहां इस बात का पता लगाया जाएगा कि  पिछले साल की तुलना में इस वर्ष वायरस का स्वरूप कितना बदला है, जिसकी वजह से लोग इसकी चपेट में आ रहेे हैं।मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोनिका ने कहा कि प्रयागराज में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसको देखते हुए शासन केनिर्देश पर तीन दिन पहले संक्रमितों के 10 नमूने केजीएमयू भेजे गए हैं। केजीएमयू कोरोना के स्ट्रेन का पता लगाएगा। उन्होंने बताया कि देश केदूसरे हिस्सों की तरह प्रयागराज में भी कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा भयावह और खतरनाक साबित हो रही है। पिछले सात दिनों में संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। पहले रोजाना हो रही कुल जांचों में संक्रमित होने वालों का प्रतिशत प्वाइंट में आ रहा था, वहीं मंगलवार और बुधवार को यह 12 फीसदी तक पहुंच गया है।यह खतरनाक स्थिति बनती जा रही है। माइक्रोबायलॉजी विभाग के ही एसोसिएट प्रोफेसर अरिंदम चक्रवर्ती ने बताया किपिछले साल की केस स्टडी में यह पता लगा था कि 20 फीसदी लोगोें में वायरल लोड अधिक हो रहा था और संक्रमण की रफ्तार भी कम थी, लेकिन इस बार के आंकड़े में तेजी से उछाल आ गया है। हालांकि, वायरस ने अपना रूप परिवर्तित किया है या नहीं, इस मामले में अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। यह रिपोर्ट आने केबाद ही पता चलेगा। उन्होंने कहा कि संक्रमण की रफ्तार से यह स्पष्ट है कि कोरोना का नया स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है और यह लोगों को जल्दी चपेट में ले रहा है।

जिले में कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक संक्रमण फैलने का कारण ढूंढने में जुट गए हैं। इसकेलिए उन्होंने 10 संक्रमितों का नमूना किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमयू) भेजा है। वहां इस बात का पता लगाया जाएगा कि  पिछले साल की तुलना में इस वर्ष वायरस का स्वरूप कितना बदला है, जिसकी वजह से लोग इसकी चपेट में आ रहेे हैं।

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोनिका ने कहा कि प्रयागराज में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसको देखते हुए शासन केनिर्देश पर तीन दिन पहले संक्रमितों के 10 नमूने केजीएमयू भेजे गए हैं। केजीएमयू कोरोना के स्ट्रेन का पता लगाएगा। उन्होंने बताया कि देश केदूसरे हिस्सों की तरह प्रयागराज में भी कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा भयावह और खतरनाक साबित हो रही है। पिछले सात दिनों में संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। पहले रोजाना हो रही कुल जांचों में संक्रमित होने वालों का प्रतिशत प्वाइंट में आ रहा था, वहीं मंगलवार और बुधवार को यह 12 फीसदी तक पहुंच गया है।

यह खतरनाक स्थिति बनती जा रही है। माइक्रोबायलॉजी विभाग के ही एसोसिएट प्रोफेसर अरिंदम चक्रवर्ती ने बताया किपिछले साल की केस स्टडी में यह पता लगा था कि 20 फीसदी लोगोें में वायरल लोड अधिक हो रहा था और संक्रमण की रफ्तार भी कम थी, लेकिन इस बार के आंकड़े में तेजी से उछाल आ गया है। हालांकि, वायरस ने अपना रूप परिवर्तित किया है या नहीं, इस मामले में अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। यह रिपोर्ट आने केबाद ही पता चलेगा। उन्होंने कहा कि संक्रमण की रफ्तार से यह स्पष्ट है कि कोरोना का नया स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है और यह लोगों को जल्दी चपेट में ले रहा है।