आज शुक्रवार २० जुलाई को संसद में अविश्वास प्रस्ताव मोदी सरकार के विरूद्ध पेश हो रहा है और उस पर बहस होगी।
आज का ही समाचार है कि संसद भवन पर हमले के लिये नेपाल के रास्ते से भारत में घुसे हैं दो खालिस्तानी आतंकी लखविंदर सिंह और परमिंदर सिंह।
इसके पूर्व संसद पर हमला हुआ था। उसमें  घोषित अपराधी अफजल गुरू को फांसी यूपीए सरकार के समय दी जा चुकी है। अफजल गुरू कांगे्रस के नेताओं चाहे वे गुलाम नबी आजाद हों या सूरजेवाला या और कोई सबके लिये वे   आदर सूचक थे। किसी ने उन्हें साहब कहकर संबोधित किया तो किसी ने अफजल गुरू जी तो किसी ने उनके नाम के आगे श्री शब्द का उपयोग किया।
उस समय संसद की रक्षा करते हुए जो शहीद हुए थे उन्हें उन नेताओं ने कभी आदर सूचक शब्दों से संबोधित नहीं किया।
यहॉ यह उल्लेखनीय है कि उस समय जो संसद पर हमला हुआ था उसी समय संसद के अंदर अटल बिहारी वाजपेयी, सोनिया गांधी आदि सभी संसद सदस्य उपस्थित थे।
आज कांगे्रस से उसके नेता राहुल गांधी से एक प्रश्र है कि क्या वे अभी आज के समाचार के अनुसार दो खालिस्तानी आतंकी लखविंदर सिंह और परमिंदर सिंह घुसे हैं उन्हें भी वे आदर सूचक शब्द से संबोधित करेंगे या नहीं?
यहॉ एक बात का और उल्लेख कर देना उचित होगा कि खालिस्तान के प्रवर्तक भिंडरावाले को महिमामंडित करने में इंदिरा गांधी का ही हाथ था। वोट बंैक पॉलिटिक्स के चलते हुए राजनीतिक फायदे के लिये इंदिरा गांधी ने ऐसा किया था। बाद में वे ही भिंडरावाले उनके लिये आफत बन गए थे।
आज शुक्रवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। अविश्वास प्रस्ताव टीडीपी के द्वारा लाया गया है। उसे कांग्रेस तथा उसके साथी एनार्किस्ट केजरीवाल की पार्टी आप का भी समर्थन है।
परंतु यहॉ यह स्पष्ट कर देना उचित है कि टीडीपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अविश्वास प्रस्ताव को लाएंगे और उसपर चर्चा भी करेंगे परंतु वे कांग्र्रेस के साथ नही हैं।
कल सोनिया गांधी ने कहा था कि वे  नंबरी हैं अर्थात उनके पास में नंबर है। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि सोनिया गांधी गणित में कमजोर हैं।
लोकसभा में कुल सीटों की संख्या 543 है, जिसमें फिलहाल 10 सीटें खाली हैं. सत्ताधारी एनडीए की बात करें तो बीजेपी की 272, एलजेपी की 6 और अन्य की 16 सीटों को मिलाकर आंकड़ा 294 होता है. वहीं विपक्षी यूपीए की बात करें तो कांग्रेस की 48, एनसीपी की 7, आरजेडी की 4 और अन्य की 8 सीटों को मिलाकर आंकड़ा सिर्फ 67 तक पहुंचता है.
नंबर गेम के अनुसार सोनिया गांधी के साथ अर्थात अविश्वास प्रस्ताव के विरूद्ध एनडीए के २९४ होने चाहिये और विपक्ष के २४३ के लगभग।
परंतु लगता है कि टीडीपी ने अविश्वास प्रस्ताव पेश कर और कांग्र्रेस का उसे समर्थन मिलने से  विपक्ष ने मोदी सरकार को गोल करने के लिये फ्री हिट दे दिया है और गोलकीपर राहुल गांधी बने हैं।
अब लगता है कि भाजपा अर्थात एनडीए अर्थात मोदी सरकार पहले से और मजबूत होगी:
तमिलनाडु की एआईएडीएमके ने अविश्वास प्रस्ताव में एनडीए का साथ देगी उसकी 37 सीटें भी एनडीए में जुड़ जाएंगी, तो एनडीए प्लस का आंकड़ा 331 पर पहुंच जाता है.इसके बाद बीजेडी और तेलंगाना सीएम चंद्रशेखर राव की टीआरएस भी अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंंग नहीं करने वाली है। लगता है लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के विरूद्ध २४९ की संख्या हो जायेगी। इसके अलावा एआईएडीएमके भी अविश्वास प्रस्ताव के विरूद्ध ही वोटिंग करेगी। इससे कल्पना कर सकते हैं कि कांगे्रस ने और टीडीपी ने अविश्वास प्रस्ताव का ढिंढोरा पीट कर मोदी सरकार को और प्रसिद्धि प्राप्त करने का मौका दे दिया है।
शुक्रवार के बाद शनिवार को मोदी फिर आम सभाएं करने वाले हैं। रविवार को भी वे छुट्टी मनाने वाले नहीं हैं। शनिवार और रविवार छुट्टी का दिन सरकारी आफिसों तथा अन्य के लिये है। वे सब टीवी से चिपके रहेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के तीखे बाण कांग्रेस पर किये जाने वाले जो हैं उन्हें सुनते रहेंगे। हम सबको भी यह मौका मिलेगा।

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