ड्राईविंग के दौरान हृदयाघात के बावजूद रफ्तार को नियंत्रित कर यात्रियों से भरी बस को सुरक्षित रोक लिया
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज जिला मुख्यालय कवर्धा निवासी कर्त्तव्यनिष्ठ वाहन चालक स्वर्गीय श्री संतोष पात्रे के परिवार को एक लाख रूपए की सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने यह राशि स्वेच्छानुदान के मद से मंजूर की है। मुख्यमंत्री ने बस ड्राईविंग के दौरान श्री पात्रे की हृदयाघात से मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है और उनकी कर्तव्यपरायणता की तारीफ करते हुए कहा है कि स्वर्गीय श्री पात्रे ने अचानक हृदयाघात होने के बावजूद अपनी जान पर खेलकर लगभग 30 से 40 यात्रियों से भरी बस को सुरक्षित रोककर सभी यात्रियों को एक बड़ी दुर्घटना से बचा लिया और उनके प्राणों की रक्षा की। यह उनकी कर्त्तव्यनिष्ठा और सेवाभावना का परिचायक है, जो सभी लोगों के लिए अनुकरणीय है।
डॉ. सिंह को जैसे ही कर्त्तव्य निर्वहन के दौरान श्री पात्रे के निधन की जानकारी मिली, उन्होंने राजधानी रायपुर में उनके परिवार के लिए एक लाख रूपए के स्वेच्छानुदान की तत्काल घोषणा कर दी। ज्ञातव्य है कि स्वर्गीय श्री संतोष पात्रे जिला मुख्यालय कवर्धा स्थित अटल आवास कालोनी के निवासी थे और एक प्राइवेट बस कम्पनी में वाहन चालक के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने प्रतिदिन की तरह कल भी कवर्धा से दुर्ग जाने वाले बस की ड्रायविंग सीट पर अपना काम संभाला और कवर्धा से सहसपुर लोहारा होते हुए दुर्ग के लिए रवाना हुए, लेकिन सवेरे 7.30 बजे के आसपास सहसपुर लोहारा से बस आगे रवाना हुई तो एक किलोमीटर जाने के बाद श्री पात्रे को सीने में दर्द शुरू हो गया। इसके बावजूद उन्होंने बस की रफ्तार को अपनी सूझ-बूझ से नियंत्रित करते हुए एक स्थान पर खड़ा कर दिया।
इस घटना के बाद यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य के लिए रवाना किया गया। श्री पात्रे को हृदयाघात होने की सूचना सहसपुर लोहारा पुलिस को दी गई। तत्काल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को वहां भेजा गया और उन्हें इस एम्बुलेंस से सहसपुर लोहारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया, जहां चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया।

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