स्वतंत्रता के पूर्व अविभाजित भारत के समय महात्मा गांधी के स्वर में स्वर मिलाते हुए हम सब गाते रहे : ‘ईश्वर अल्लाह तेरे नाम, सबको सम्मति दे भगवानÓ हिन्दू मुस्लिम एकता की हम बात करते रहे ।
उस समय जिन्ना और मोहम्मद ईकबाल भी कांग्रेस में ही थे। बाद में उन्होंने मुस्लिम लीग पार्टी बना ली। वे ये दुहाई देते रहे कि महात्मा गांधी-नेहरू की कांग्रेस पार्टी हिन्दू पार्टी है। इसलिये मुसलमानों के लिये मुस्लिम लीग पार्टी बनाई गई है।
यहॉ यह उल्लेखनीय है कि जिन्ना भी हिन्दू परिवार में ही पैदा हुए थे। इसी प्रकार से मोहम्मद ईकबाल भी कश्मीरी पंडित थे। मुस्लिम लीग की स्थापना के बाद गिरगिट के समान उन्होंने रंग बदला:
आजादी के पहले मुस्लिम लीग द्वारा हिंदू पार्टी के तमगे से नवाजे जाने वाली कांग्रेस ने नेहरू के आने के बाद मुसलमानों से खूब प्रेम बटोरा. अब 2014 के बाद कांग्रेस फिर अपनी इमेज बदलने की कोशिश कर रही थी।
हैदराबाद मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में अदालत द्वारा सभी दोषियों को बरी किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर प्रहार किया कि वोट बैंक की राजनीति के तहत उसने हिंदू/भगवा आतंकवाद का ढिंढोरा पीटा. जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी या कांग्रेस ने कभी भगवा आतंकवाद शब्द इस्तेमाल नहीं किया. आरोप को बकवास बताते हुए उन्होंने कहा कि आतंक को धर्म या समुदाय से जोडऩा आपराधिक मानसिकता की पहचान है.
यह कांग्रेस की हिंदू राजनीति का अगला पड़ाव है. 2014 के लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त खाने के बाद एके एंटनी के नेतृत्व में गठित पार्टी की एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में हार का कारण बताया था कांग्रेस की हिंदू विरोधी छवि. तब से कांग्रेस लगातार उस छवि को बदलने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन सरकार के जमाने में भगवा आतंकवाद की चर्चा बार-बार हुई, किंतु कांग्रेस की ओर से इसका कभी खंडन नहीं किया गया. अब हिंदू मतों को पाने की बेचैनी कांग्रेस से वह सब करवा रही है जिसके विरुद्ध वह खड़ी थी.
जनेऊधारी हिंदू हैं राहुल
जब राहुल गांधी गुजरात में मंदिरों का दौरा कर रहे थे तो कांग्रेस के प्रवक्ता ने यहां तक घोषणा कर दी कि राहुल ‘जनेऊधारी हिंदूÓ हैं. इसके आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी दोनों ही शिव भक्त हैंँ।  यह सब नाटक कर्नाटक में भी खेला गया परंतु वहॉ हिन्दुओं को विभाजित करने के लिये। लिंगायत को हिन्दुओं से अलग बताया गया।
वे भूल गये कि नेहरू ने क्या कहा था।
कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के ख़ून के धब्बे हैं: सलमान खुर्शीद कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एमएमयू) में एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि उनकी पार्टी और उनके दामन पर मुसलमानों के खून के धब्बे लगे हैं. कांग्रेस शासन के दौरान हुए बाबरी विध्वंस और मुस्लिम विरोधी दंगों को लेकर पूछे गए सवाल पर सलमान खुर्शीद ने यह बयान दिया।
मई, 2018 में कर्नाटक के चुनाव में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इसकी छवि एक ‘मुस्लिम पार्टीÓ की बना दी है। सोनिया गांधी की पीड़ा इस बात से जाहिर भी हो रही थी कि कभी पूरे देश पर राज करने वाली कांग्रेस महज तीन प्रतिशत आबादी पर सिमट गई है।
बहरहाल सोनिया गांधी भले ही कांग्रेस की ‘मुस्लिम पार्टीÓ छवि से परेशान दिखने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन आजादी के बाद से कांग्रेस के कृत्यों पर गौर करें तो ये साफ है कि कांग्रेस पार्टी हिंदू विरोधी और मुस्लिम परस्त रही है। आइये इसे तथ्यों के आईने में देखते हैं-
हिंदू राष्ट्र का विरोध
बाबा साहब अम्बेडकर की पुस्तक- ‘दि डिक्लाइन एंड फाल आफ बुद्धिज्मÓ में स्पष्ट है कि पं नेहरू ने कहा था, “हिंदू राष्ट्र का केवल एक ही मतलब है, आधुनिक सोच को पीछे छोडऩा, संकीर्ण होकर पुराने तरीके से सोचना और भारत का टुकड़ों में बंटना।ÓÓ
जब बाबा साहब ने दिया इस्तीफा
वंदे मातरम का विरोध
मंदिर पुनर्निमाण का विरोध
नसबंदी में हिंदुओं का नुकसान
बदल डाला देश का कानून
हिंदुओं पर गोलियां चलवाईं
गोधरा नरसंहार पर राजनीति
जयेंद्र सरस्वती को जेल
मुस्लिमों का पहला हक
भगवा आतंकवाद की साजिश
मुस्लिम नहीं, हिंदू खतरा
नमाज के लिए 90 मिनट
18 दिसंबर, 2016 को उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ने राज्य के मुस्लिम कर्मचारियों को शुक्रवार के दिन 90 मिनट का अतिरिक्त अवकाश देने का फैसला किया।
राम मंदिर निर्माण विरोध
सच्चर कमिटी का गठन
मुजफ्फरनगर मुस्लिम प्रेम
कश्मीरी पंडितों पर खामोशी
तीन तलाक और राम की तुलना।
16 मई, 2016 को सुनवाई के दौरान कांग्रेस नेता और ्रढ्ढरूक्करुक्च के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि जिस तरह राम हिंदुओं के लिए आस्था का सवाल है उसी तरह तीन तलाक और हलाला मुसलमानों की आस्था का मसला है। साफ है कि कांग्रेस और उसके नेतृत्व की हिंदुओं की प्रति उनकी सोच को ही दर्शाती है।
अब तेलंगाना में मुसलमानों के लिये अलग आरक्षण की मांग करके उसने सिद्ध कर दिया है  कि कांग्रेस पार्टी न हिन्दुओं की है और न मुसलमानों की है वह सिर्फ मौका परस्त है। धर्म के आधार पर पुन: भारत का खण्डन तक सत्ता प्राप्ति के लिये कर सकती है।
 
 

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