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पीएम मोदी ने दी थी फर्टिलाइजर फैक्ट्री की सौगात, फिर क्यों खाद संकट से जूझ रहे गोरखपुर के किसान, खुद सुनिए

पीएम मोदी ने दी थी फर्टिलाइजर फैक्ट्री की सौगात, फिर क्यों खाद संकट से जूझ रहे गोरखपुर के किसान, खुद सुनिए

गोरखपुर: पीएम नरेंद्र मोदी गोरखपुर को फर्टिलाइजर फैक्ट्री की सौगात दी थी। इसके बाद भी गोरखपुर खाद संकट से जूझ रहा है। गोरखपुर में डीएपी खाद की किल्लत सामने आ रही है। नवंबर महीने पूरा होते तक किसान अपने रबी की फसल की तैयारी शुरू कर देता है और गोरखपुर में भी किसान रबी की फसल की तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि इस बार फसल के लिए डीएपी खाद की किल्लत सामने खड़ी हो गई है। गोरखपुर में किसान डीएपी खाद न मिलने से परेशान हो रहे हैं। पिछले साल 26 नवंबर तक गोरखपुर जिले में 19,500 मीट्रिक टन डीएपी खाद आ गई थी। वहीं इस साल 23 नवंबर तक 14,000 मेट्रिक टन डीएपी खाद जिले में आ चुकी है, बावजूद इसके किसानों को अभी भी खाद नहीं मिल पा रही है।

गोरखपुर कृषि जिला अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सरकार की कुछ पॉलिसी होती है, जिसमें जिन जिलों को खाद की ज्यादा जरूरत होती है, खाद का मूवमेंट उधर कर दिया जाता है। ऐसे में पश्चिमी जिलों में बुवाई पहले शुरू हुई थी तो इसलिए खाद का मूवमेंट उधर कर दिया गया था। हालांकि अब खाद का मूवमेंट पूर्वांचल में कर दिया गया है और जल्द ही कमी को पूरा कर दिया जाएगा। किसी भी किसान को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

107 समितियां बांट रहीं खाद
गोरखपुर में खाद का वितरण करने के लिए 107 समितियां बनाई गई है, जो सरकारी मूल्य पर तय की गई रेट से किसानों को खाद वितरण करेंगी। हालांकि कुछ ऐसे भी केंद्र है, जो इसका वितरण कर रहे हैं, जिसमें इफको के निजी केंद्र भी खाद बांट रहे हैं। कुछ आवंटित की गईं समिति भी है, जो खाद का वितरण कर रही हैं। वहीं जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में अगर किसी को ब्लैक में या मूल्य से तय किए गए अधिक धनराशि लेकर खाद बेचते हुए पकड़ा गया तो, उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनका लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा।

गोरखपुर में है फटलाइजर फिर क्यों खाद की दिक्कत
गोरखपुर के किसानों का कहना है कि गोरखपुर में फर्टिलाइजर जैसी बड़ी फैक्ट्री होने के बाद भी खाद की दिक्कत हो रही है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि गोरखपुर में फर्टिलाइजर जरूर है, लेकिन फर्टिलाइजर में यूरिया का उत्पादन होता है और यहां से बड़ी मात्रा में यूरिया को डिस्ट्रीब्यूट भी किया जाता है।हालांकि रबी की फसल के लिए डीएपी खाद की जरूरत ज्यादा होती है। और यह फटलाइजर में नहीं मैनफैक्चर होता है।

27 नवंबर तक गोरखपुर में पूरी होगी खाद की आपूर्ति
गोरखपुर में 27 नवंबर तक खाद की आपूर्ति पर्याप्त कर दी जाएगी, जिसके बाद किसानों को दिक्कत नहीं होगी। पर्याप्त मात्रा में हर केंद्रों पर डीएपी खाद उपलब्ध रहेगी। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि 24 नवंबर को 1950 मीट्रिक टन डीएपी खाद 107 समिति और केंद्रों पर भेजे जाएंगे और आने वाले 2 दिनों में खाद की पूर्ति कर दी जाएगी।

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