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युवा महोत्सव में 38 विधाओं में 2 हजार 600 से अधिक प्रतिभागी होंगे सम्मिलित

कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज कलेक्टर सभाकक्ष में स्थानीय आयोजन समिति के सदस्यों की बैठक लेकर राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में सम्पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं विभिन्न कार्यक्रमों के सुचारू संचालन, निगरानी एवं समुचित समन्वय हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभागियों एवं ऑफिशियल्स की संख्या को देखते हुए आवास, भोजन एवं परिवहन आदि की समुचित व्यवस्था करने कहा। राज्य युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ के पारम्परिक लोक गीत, नृत्य, खेल और छत्तीसगढ़ी व्यंजन का आनंद लोग उठा सकेंगे। इसके लिए सी.एस.आई.डी को पर्याप्त रूप से स्टॉल लगाने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ के युवाओं को विशेष अवसर एवं मंच प्रदान करने, सांस्कृतिक गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय युवा महोत्सव 2022-23 का 12 से 14 जनवरी 2023 तक रायपुर में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वृहद आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के विभिन्न संभागों से महिला एवं पुरूष युवा कलाकार, प्रतिभागी एवं ऑफिशियल्स भाग लेंगे। प्रतिभागी एवं आफिशियल्स के लिए कार्यक्रम, खेल संचालनालय परिसर, पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर, शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय रायपुर में पृथक-पृथक विधावार आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तरीय इस युवा महोत्सव में 38 विधाओं में लगभग 2 हजार 700 प्रतिभागी सम्मिलित होंगे। युवा महोत्सव में भारतीय संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ की संस्कृति के आधारभूत मूल्यों का प्रदर्शन होगा। युवा महोत्सव में 15 से 40 वर्ष आयु और 40 वर्ष से अधिक आयु के दो वर्गों में सभी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। युवा महोत्सव में प्रत्येक विधा में निर्धारित संख्या के आधार पर ही प्रतिभागी भाग ले सकेंगे।

इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ की परंपरागत गीत, नृत्य, खेलों और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को शामिल किया गया है। युवा उत्सव में सांस्कृतिक विधाओं में हिंदुस्तानी-कर्नाटक शैली में शास्त्रीय गायन, सितार, बांसुरी, तबला, वीणा, मृदंगम, हारमोनियम, गिटार का वादन, शास्त्रीय नृत्य-मणिपुरी, ओड़िसी, भरतनाट्यम, कत्थक, कूचीपूड़ी के साथ-साथ पारंपरिक सुआ नृत्य, पंथी नृत्य, करमा नाचा, सरहुल नाचा, बस्तरियां लोक नृत्य, राउत नाचा के रंग देखने को मिलेंगे। इसके अलावा पारंपरिक खेलों में फुगड़ी, भौंरा, गेड़ी दौड़-चाल, रॉक बैंड (राज्य स्तर पर) के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति को उजागर करने के लिए पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ी व्यंजन पर आधारित फूड फेस्टिवल प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं  संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर, पारंपरिक एवं आदिवासी शैली से संबंधित विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता को शामिल किया गया है।

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