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मेरा इन बदमाशों से कोई संबंध नहीं, पिता ने शव लेने से किया इंकार, वाराणसी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे दो भाई

मेरा इन बदमाशों से कोई संबंध नहीं, पिता ने शव लेने से किया इंकार, वाराणसी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे दो भाई

वाराणसी: वाराणसी में सोमवार को सुबह पुलिस मुठभेड़ में बिहार के दो कुख्यात बदमाशों को मार गिराया था। तीन बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में एक बदमाश भागने में सफल हो गया था। तीनो बदमाश सगे भाई थे। मारे गए दोनों बदमाश रजनीश सिंह और मनीष सिंह के शव को लेने के लिए वाराणसी पुलिस ने समस्तीपुर (बिहार) में परिजनों से संपर्क किया। हालांकि परिजनों ने शव को लेने से इंकार कर दिया और कहा कि मृतकों से उनका कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने मुठभेड़ में भाग निकले तीसरे भाई लल्लन सिंह पर एक लाख का इनाम घोषित किया है। इन्हीं तीनो भाईयों पर रोहनिया में दारोगा अजय यादव पर गोली चला कर पिस्टल लूटने का आरोप था।

रोहनिया में पिस्टल लूटने के इरादे से बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले मनीष सिंह, रजनीश सिंह और लल्लन सिंह ने दारोगा अजय यादव को गोली मारी थी। तीनों लोग मूल रूप से समस्तीपुर के रहने वाले थे। वाराणसी पुलिस ने दारोगा के हमलावरों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन पाताल लोक चलाया था और सोमवार को सुबह मुठभेड़ में दो भाइयों मनीष और रजनीश को ढेर कर दिया था। तीसरा भाई लल्लन सिंह भागने में सफल हो गया। पोस्टमॉर्टम और अन्य विधिक कार्यवाही के बाद वाराणसी पुलिस ने शव को परिजनों को सौंपने के लिए समस्तीपुर में मृतकों के पिता से संपर्क किया। मारे गए आरोपियों मनीष और रजनीश के बुजुर्ग पिता ने शव को लेने से साफ इंकार कर दिया और किसी भी प्रकार के संबंध होने से इंकार कर दिया। इसके बाद अब वाराणसी पुलिस ने मारे गए आरोपियों की धार्मिक मान्यता के अनुसार उनका अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। मंगलवार की देर रात हरिशचंद्र घाट पर अंतिम संस्कार की तयारी पूरी की गई।

पांच में से चार भाई अपराधिक गतिविधियों में लिप्त
मारे गए बदमाश कुल पांच भाई थे, जिसमे से चार अपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे। मनीष और रजनीश मुठभेड़ में मारे गए, तीसरा भाई लल्लन सिंह मौके से फरार हो गया और एक भाई झारखंड के जेल में बंद है। पांचवा भाई अपने पिता के साथ गांव पर ही रहता है। इन सभी चार भाईयों पर कई संगीन अपराध करने का आरोप था। सितंबर महीने में पटना से न्यायिक हिरासत से भाग कर तीनों भाई बनारस में छिप कर रह रहे थे।
रिपोर्ट – अभिषेक कुमार झा

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