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ग्रेटर नोएडा में स्ट्रीट लाइटों की खराबी दूर करने को लगाई 38 टीमें, कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर

ग्रेटर नोएडा में स्ट्रीट लाइटों की खराबी दूर करने को लगाई 38 टीमें, कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में कुछ सड़कों पर अंधेरा रहने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण ने सूर्या कंपनी (Surya Company) से कड़ी नारागजी जाहिर की है। साथ ही अगले सप्ताह सभी स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने भी तय अवधि में सभी अड़चनों को दूर कर लेने का आश्वसन दिया है। प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा (Greater Noida Authority) में एलईडी स्ट्रीट (Steet Light) लाइट लगवा रहा है। सोडियम लाइटों को हटाकर कुल 54 हजार स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रहीं हैं। इसका जिम्मा सूर्या कंपनी को मिला हुआ है। कंपनी अब तक 46 हजार स्ट्रीट लाइटें लगा चुकी है। बाकि 8 हजार स्ट्रीट लाइटें भी अक्तूबर से पहले लगा देने का लक्ष्य है।

इसी बीच कुछ जगहों पर स्ट्रीट लाइटों के बंद रहने और फ्लकचुएट करने की शिकायतें मिल रही है। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ अमनदीप डुली ने शुक्रवार को सूर्या कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इन दिक्कत को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। कंपनी के प्रतिनिधि अखिलेश अग्रवाल ने आश्वस्त किया कि अगले सप्ताह तक इन दिक्कतों को दूर कर लिया जाएगा, जिससे स्ट्रीट लाइटों के न जलने और फ्लकचुऐशन की शिकायतें दूर हो जाएंगी।

स्ट्रीट लाइटों के मेनटेनेंस के लिए लगाई गई 38 टीम
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्ट्रीट लाइटों के मेनटेनेंस के लिए चार टीमें लगाई गई थी, लेकिन अब 38 टीमें लगा दी गई हैं। कंपनी ने जरूरत पड़ने पर और टीम तैनात करने की बात कही है। वहीं, एसीईओ ने बिजली विभाग की टीम को भी सड़कों पर घूमकर जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। जहां भी स्ट्रीट लाइट खराब मिलेगी उसे तुरंत दुरस्त कराएंगे।

ग्रेनो प्राधिकरण में जल्द बनेगा कंट्रोल रूम
स्ट्रीट लाइटों के देखरेख के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर में कंट्रोल रूम बनेगा। हर स्मार्ट एलईडी लाइट के पैनल का एक कोड होगा, जिसके जरिए कंट्रोल रूम को पता चल सकेगा कि कौन सी स्ट्रीट लाइट जल रही है और कौन सी खराब है। खराब स्ट्रीट लाइट को तुरंत ठीक किया जा सकेगा। रात में ट्रैफिक कम होने के बाद स्मार्ट एलईडी लाइट को 70 फीसदी या उससे भी कम कैपेसिटी पर चलाया जा सकेगा। एक-एक स्मार्ट एलईडी लाइट को कंट्रोल रूम से संचालित किया जा सकेगा। इसके साथ ही अगर कोई स्ट्रीट लाइट से बिजली चोरी करने की कोशिश करेगा तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिल जाएगी और वहां की लाइट बंद हो जाएगी। इससे बिजली चोरी पर रोक लगेगी।

हर स्ट्रीट लाइट का दिखेगा ब्योरा
स्मार्ट एलईडी लाइट्स को ग्रेटर नोएडा के जीआईएस सिस्टम से भी जोड़ दिया जाएगा। इससे प्राधिकरण को भी पता चलता रहेगा कि कौन सी स्ट्रीट लाइट जल रही है और कौन सी बंद है। स्मार्ट एलईडी लाइट का डैश बोर्ड बनेगा, जिस पर शहर का कोई भी नागरिक स्ट्रीट लाइट का ब्योरा देख सकेगा।
रिपोर्ट – मनीष सिंह
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