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Editorial:भारत ने श्रीलंका की मदद कर वसुधैव कुटुम्बकम को चरितार्थ किया

5-8-2022

श्रीलंका इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। आर्थिक रूप से दिवालिया हो चुके श्रीलंका की राजनीति में भी काफी उथल-पुथल हुआ है। इसी उथल-पुथल के बीच रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका के नए राष्ट्रपति की शपथ ली। ऐसे कठिन समय में भारत ने श्रीलंका की पूरी मदद की है। इससे प्रभावित हो कर श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने अपने देश की संसद में श्रीलंका को समय पर आर्थिक मदद देने के लिए भारत और खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने सबसे मुश्किल समय में बचा लिया है।

भारत ने श्रीलंका की मदद कर वसुधैव कुटुम्बकम को चरितार्थ किया है। यानी विश्व एक परिवार वाली नीति को भी भारत ने साबित किया है।

दरअसल,  श्रीलंका की संसद के तीसरे सत्र के दौरान सरकार की ओर से नीतिगत बयान पेश करते हुए राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा कि आर्थिक संकट से उबरने के हमारे प्रयासों के लिए हमारे निकटतम पड़ोसी देश भारत द्वारा मुहैया कराई गई मदद का विशेष रूप से जिक्र करना चाहता हूं। सबसे मुश्किल समय में साथ देने के लिए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया है। भारत से जो मदद मिली, वो बेमिसाल है। भारत हमारा सबसे करीबी पड़ोसी है।

राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप में भारत ने हमें फिर से जिंदगी जीने के लिए सांसें दीं। अपने देश और आप सब लोगों की तरफ से हम भारत सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और वहां के लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं। ऐसे वक्त जब हम फिर से अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं तो भारत हमारे साथ है।

विक्रमसिंघे ने 21 जुलाई, 2022 को श्रीलंका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें फोन पर बधाई दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मुझे खुशी है कि श्रीलंका मुश्किलों के बावजूद लोकतंत्र के रास्ते से डिगा नहीं है। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने एक ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महामहिम राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को उनके चुनाव पर बधाई पत्र भेजा है। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत स्थापित लोकतांत्रिक साधनों, संस्थानों और संवैधानिक ढांचे के माध्यम से स्थिरता और आर्थिक सुधार के श्रीलंका के लोगों के प्रयास का समर्थन करना जारी रखेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह लोगों के पारस्परिक लाभ और भारत तथा श्रीलंका के बीच सदियों पुराने, घनिष्ठ एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी से अब तक भारत सरकार श्रीलंका को करीब 4 अरब डॉलर की मदद दे चुकी है। इसमें फ्यूल, कैश रिजर्व और फूड आयटम्स शामिल हैं।

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