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 यूएन में भारतीय नागरिक को आतंकी घोषित करने की मांग खारिज

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पाकिस्तान की हर साजिश को नाकाम करता आ रहा है। इसी क्रम में भारत को उस समय एक और सफलता मिली, जब संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में पाकिस्तान ने एक भारतीय नागरिक को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को भारत समेत 4 अन्य देशों ने खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति में गोविंद पटनायक दुग्गीवालसा को शामिल करने की योजना बनाई थी।

पाकिस्तान सरकार का दावा था कि वह देश में आतंकवादी हमलों में शामिल थे।दरअसल पाकिस्तान भारतीय नागरिक गोविंद पटनायक दुग्गीवालसा को बिना तथ्यों के अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने की कोशिश कर रहा था। इसकी वजह से सदस्य देशों ने पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे पाकिस्तान को यूएन में फिर फजीहत का सामना करना पड़ा। प्रस्ताव को खारिज करने में, ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस और अल्बानिया ने भारत का साथ दिया था। भारत का साथ देने वाले देशों में तीन देश यूएनएससी के स्थायी सदस्य हैं।

 वहीं, चौथा देश अल्बानिया इस महीने यूएनएससी का अध्यक्ष है। 2020 में भी पाकिस्तान के ऐसे एक प्रस्ताव को सभी सदस्यों ने खारिज कर दिया था।संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि टी.एस. त्रिमूर्ति ने अपने ट्वीट में कहा- आतंकवाद पर 1267 विशेष प्रक्रिया को धार्मिक और राजनीतिक रंग देने की पाकिस्तान की कोशिश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नाकाम कर दिया है। हम उन सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने पाकिस्तान के मंसूबे नाकाम कर दिए।गौरतलब है कि ओडिशा में जन्मे गोबिंदा पटनायक दुग्गीवलासा काबुल में एक कंसल्टिंग कंपनी में काम करता था।

भारतीय सुरक्षाबलों ने उन्हें 17 नवंबर 2019 को काबुल से सुरक्षित बाहर निकाला था क्योंकि ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि पाकिस्तानी एजेंसियां उन्हें अगवा कर सकती हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान की चीन की मदद से दुग्गीवलासा को आतंकी के तौर पर प्रोजेक्ट करने की योजना थी। दुग्गीवालसा पर पाकिस्तान ने 18 नवंबर, 2018 को बलूचिस्तान के मस्तुंग में पाकिस्तानी राजनेता सिराज रायसानी पर आतंकी हमले का आरोप लगाया था।

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