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आगरा सचिन हत्याकांड: एक साल गुजरा, डीएनए रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी पुलिस, आरोपियों ने पीपीई किट में फूंकी थी लाश

आगरा सचिन हत्याकांड: एक साल गुजरा, डीएनए रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी पुलिस, आरोपियों ने पीपीई किट में फूंकी थी लाश

न्यू आगरा के जयराम बाग के रहने वाले शीतगृह स्वामी सुरेश सिंह चौहान के इकलौते बेटे सचिन चौहान की 21 जून 2021 को हत्या कर दी गई थी। बल्केश्वर घाट पर शव को पीपीई किट में फूंक दिया था। दोस्तों ने घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने पांच आरोपियों को जेल भेजा। केस में ट्रायल शुरू हो चुका है। मगर, एक साल गुजरने पर भी पुलिस सचिन और आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल की प्रमाणिक प्रतियां कोर्ट में पेश नहीं कर सकी है। वहीं फॉरेंसिक लैब से बालों के नमूनों की रिपोर्ट तक नहीं प्राप्त की जा सकी है।

सुरेश सिंह चौहान ने बताया कि बेटे सचिन की 21 जून को अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई थी। 27 जून 2021 को घटना का पता चला था। पुलिस ने आरोपी हर्ष चौहान, सुमित, हैप्पी खन्ना, मनोज बंसल और रिंकू को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। हर्ष उनके पार्टनर का बेटा था। पुलिस की पूछताछ में पता चला था कि सचिन को बहाने से आरोपी ले गए थे। हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए बल्केश्वर घाट पर शव जला दिया था। इसके बाद यमुना में अस्थियां तक प्रवाहित कर दी थीं। मामले में 31 अक्तूबर 2021 को विवेचक ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की।

सुरेश सिंह ने बताया कि आरोप पत्र में आरोपियों और सचिन के फोन की कॉल डिटेल की प्रमाणिक प्रतियां, घटनास्थल पर मिले बालों की डीएनए रिपोर्ट प्राप्त होने तक विवेचना प्रचलित रखी गई थी। केस का ट्रायल शुरू हो गया है। उनकी गवाही हो चुकी है। बाकी लोगों को गवाही के लिए तलब किया गया है। 

सुरेश सिंह ने अब डीएनए और सीडीआर के लिए एसएसपी को पत्र लिखकर आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बेटे सचिन और आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल, जीपीएस की प्रमाणिक प्रतियां और बालों की डीएनए की रिपोर्ट सप्लीमेंटरी चार्जशीट के साथ पेश की जाए। इनमें देरी से आरोपियों को बचाव का मौका मिलेगा। आरोपी भले ही जेल में हैं, लेकिन उन पर केस में लगातार पीछे हटने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मगर, वह आरोपियों को सजा दिलाने के बाद ही चैन से बैठेंगे।

सचिन शीतगृह स्वामी सुरेश सिंह का इकलौता बेटा था। बेटे की हत्या से वो पूरी तरह से टूट गए हैं। उनका कहना है कि दिन रात वो बस बेटे को याद करके रोते रहते हैं। सुबह कब हो जाती है, रात कब हो जाती है, पता ही नहीं चलता है। अब तो सब कुछ चला गया। बेटे की याद में मां अनीता का भी हाल बेहाल है। वह अब तक सदमे से नहीं उबर सकी हैं।

सीओ हरीपर्वत सत्य नरायन ने कहा कि सचिन चौहान हत्याकांड के केस में जो भी नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए होंगे, उनकी रिपोर्ट मंगाई जाएगी। वादी से संपर्क किया जाएगा। जो भी तथ्य पेश किए जाने हैं, उन पर बात करेंगे। थाना पुलिस को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। 

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