Editorial :- अधीररंजन चौधरी तथा आजम खां जैसे नेता भी क्या आदर्श नहीं हैं महिलाओं पर अत्याचार और रेप जैसे अपराधियों के लिये

कांग्र्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने जिस प्रकार देश की रक्षामंत्री और यूपी में शासन कर चुकी सपा के सांसद आजम खां जिस प्रकार के रिमार्क जया प्रदा तथा तत्कालीन  संसद की स्पीकर रमादेवी के प्रति प्रकट किये थे उसी से प्रेरणा प्राप्त कर संभवत: असमाजिक तत्व रेप जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ में जो निर्मम अपराध हुए हैं वह भी इसी प्रकार के नेताओं को आदर्श मानकर हुए हैं।

जब बंगलादेशी घुसपैठिये ने मुंबई में महिला पत्रकार के साथ बलात्कार को अंजाम दिया था तब मुलायम सिंह जैसे वयोवृद्ध नेता जो रक्षामंत्री भी एक समय रह चुके हैं उन्होंने कहा था कि बच्चों से ऐसी छोटी-मोटी गलतियां हो जाती हैं।

पूरे पागल को तो आगरा के पागल खाने में डाला जा सकता है पर आधे पागलों का क्या होगा?

इसी प्रकार से हैदराबाद महिला डॉक्टर के साथ रेप जैसी निमर्म कांड करने वाले अपराधियों को तो सजा मिल जायेगी परंतु उनके प्रेरक नेताओं को क्या सजा मिलेगी? और कौन देगा सजा उन्हें?

सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने कल ही  यह बात की थी कि घर में पुरूषों को सीखाएं की महिलाओं से कैसा व्यवहार करें?

इससे भी बढ़कर आज इस बात की आवश्यक्ता है कि कांग्रेसाध्यक्षा सोनिया गांधी कांग्रेस के संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी को समझायें कि उन्हें महिलाओं पर किस प्रकार की टिप्पणी करनी चाहिये।

देश के रक्षामंत्री जिससे देश की दुश्मन थरथर कांपते हैं उस महिला रक्षामंत्री पर गंदी टिप्पणी करना क्या उचित है?

एक समय था जब साहित्यकार लिखते थे:  अबला जीवन तेरी ये ही कहानी आंखों में पानी और आंचल में दूध।

आज प्रधानमंत्री मोदी ऐसी महान शख्सीयत हैं जिन्होंने भारत की महिलाओं को अपने मंत्रीमंडल में रक्षामंत्री,वित्तमंत्री,विदेशमंत्री जैसे बढ़े विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है।

यदि कांग्रेस संसदीय दल का नेता देश के प्रधानमंत्री को घुसपैठिया बता सकता है तो समझ सकते हैं कि उसकी मानसिकता क्या है।

कांग्रेस के इस नेता को यह भी नहीं मालुम कि गुजरात बंगलादेश में नहीं है भारत में है और  इटली भारत में नहीं है।

यदि ये नेता अभी नहीं सुधरे तो एक समय आयेगा जब जिस प्रकार से राज्यसभा में जया बच्चन ने इस प्रकार के अपराधियों को एक विशेषप्रकार की सजा दिये जाने की मांग की है वही भीड़ करने लगे।

अतएव नेताओं को भी और हम सभी को भी अपने आचरण सुधार लेना चाहिये। भागवत जी के कथन को सहीं अर्थों में समझकर उसे अपनाना चाहिये।

अधीर रंजन चौधरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ‘निर्बलाÓ सीतारमण कह दिया। चर्चा के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘आपके लिए रेस्पेक्ट है लेकिन कभी-कभी सोचता हूं कि आपको निर्मला की जगह निर्बला सीतारमण कहना ठीक होगा की नहीं। आप मंत्री पद पे तो हैं लेकिन जो आपके मन में है वो कह भी पाती हैं कि या नहीं।

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