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कोरोना का खौफ: ताजमहल पर छह दिन में आधे रह गए सैलानी, पर्यटन से जुड़े लोगों के सामने फिर संकट

ताजमहल में तैनात सुरक्षाकर्मी

कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या में तेजी से कमी नजर आने लगी है। नए साल के पहले दिन ताजमहल पर जहां 38 हजार सैलानी पहुंचे थे, वहीं 12 दिन बाद बृहस्पतिवार को महज 5527 सैलानियों ने ताजमहल देखा। बीते 6 दिनों से ही ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या आधी रह गई। कोरोना संक्रमण के कारण देश के कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू, वीकएंड कर्फ्यू जैसे कदमों के कारण ताजमहल पर सैलानियों की संख्या में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। इसका असर पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। क्रिसमस से नए साल के बीच शहर के होटलों में कमरों की बुकिंग के लिए मारामारी थी, वहीं अब कमरे खाली पड़े हैं।

ताज, किला छोड़ अन्य में सन्नाटा

ताजमहल के साथ आगरा किला में भी पर्यटकों की संख्या कम हुई है, लेकिन सबसे बुरा असर छोटे स्मारकों पर पड़ा है। अकबर के मकबरे पर दो से तीन हजार सैलानी पहुंच रहे थे, लेकिन अब केवल 423 सैलानी ही बृहस्पतिवार को पहुंचे। फतेहपुर सीकरी, एत्माद्दौला, रामबाग, महताब बाग और मरियम का मकबरा स्मारकों पर पर्यटकों की संख्या में और कमी देखने को मिली है।

6 दिन में ऐसे कम हो गए सैलानी

दिन            – पर्यटक

8 जनवरी    –  10076

9 जनवरी    – 10657

10 जनवरी   – 6636

11 जनवरी   – 6129

12 जनवरी   – 5810

13 जनवरी   –  5527

बृहस्पतिवार को स्मारकों का ये रहा हाल

स्मारक         –   पर्यटक

ताजमहल      –  5527

आगरा किला –  1934

सिकंदरा       –   423

एत्माद्दौला     –  180

महताब बाग  –  100

रामबाग        –  67

मरियम टूम   –  47

ताजमहल में पर्यटक

कोरोना के कारण 188 दिनों तक बंद रहा था ताजमहल

– 21 सितंबर 2020 को 6 माह की बंदी बाद खुला

– 16 अप्रैल 2021 को दूसरी लहर में बंद हुआ

– 16 जून को ताज के दरवाजे खोल दिए गए

– 5000 पर्यटकों की संख्या की गई थी तय

– 38 हजार तक पहुंचे थे ताज पर पर्यटक

बिजली का बिल भी नहीं निकल पाएगा

होटल एसोसिएसशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि केवल 15 दिनों के अंदर पर्यटन उद्योग के हालात बदल गए। एक जनवरी तक पर्यटकों की भीड़ थी, पर तेजी से फैले कोरोना संक्रमण से अब सन्नाटा है। यही हालात रहे तो बिजली का बिल भी नहीं निकल पाएगा।
दो साल से गाइड भुखमरी के कगार पर

आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन ने कहा कि विदेशी पर्यटक तो कोरोना काल से नहीं आ रहे। जो चुनिंदा पर्यटक आ रहे थे, अब वह भी कम हो गए। भारतीय पर्यटक गाइड के जरिए घूमते ही नहीं, ऐसे में फाके की स्थिति बन गई है। दो साल से गाइड भुखमरी के कगार पर हैं।

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