फैसले की घड़ी, नहीं सुलझा मामला तो शिवसेना तोड़ सकती है BJP के साथ गठबंधन

महाराष्ट्र में शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है. सूत्रों के मुताबिक, अगर मामला जल्दी नहीं सुलझता है तो जल्द ही शिवसेना, महायुति से अलग हो सकती है. महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना का यह बड़ा दांव होगा.

इस बीच सेना भवन पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई में पार्टी नेताओं की अहम बैठक हो रही है. इस बैठक से पहले शिवसेना नेता गुलाबराव पाटिल ने कहा कि सीएम शिवसेना से होना चाहिए. हम उद्धव ठाकरे के आदेशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं. जब तक हमें बताया जाएगा, तब तक होटल में रहेंगे.

देर रात होटल पहुंचे थे आदित्य ठाकरे

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे गुरुवार देर रात को मुंबई के रंग शारदा होटल पहुंचे थे. इस होटल में शिवसेना के विधायक ठहरे हुए हैं. विधायकों के टूटने का डर झेल रही शिवसेना ने गुरुवार को अपने विधायकों को मुंबई के रंग शारदा होटल में रहने के लिए भेजा दिया है. शिवसेना के विधायक अगले दो दिन तक और इसी होटल में रहेंगे. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है. इसके बाद राज्यपाल को संवैधानिक पहलुओं पर विचार करना पड़ेगा.

कांग्रेस विधायक नितिन राउत ने इंडिया टुडे से खास बातचीत में कहा कि बीजेपी ने हमारे विधायकों से संपर्क किया और पैसे की पेशकश की है. वहीं सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायक नाना पटोले दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. दिल्ली में महाराष्ट्र के कुछ विधायकों की बैठक है, जिसके बाद वह जयपुर जाएंगे.

गडकरी मध्यस्थता के लिए तैयार

इस खींचतान के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जरूरत पड़ी तो मैं मध्यस्थता के लिए तैयार हूं. उन्होंने कहा कि शिवसेना के साथ हमने कभी भी मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर बातचीत नहीं हूई थी. ढाई-ढाई साल सीएम पद का कोई वादा नहीं किया गया था. सीएम पद तो बीजेपी के पास ही रहेगा.

नितिन गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में सरकार बनेगी. हमने शिवसेना के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा और हम ही सरकार बनाएंगे. उन्होंने कहा कि बाला साहेब के समय भी सीएम पद को लेकर खींचतान हुई थी, तब हमने तय किया था कि जिसके सबसे अधिक विधायक होंगे, सीएम पद उसके ही खाते में जाएगा.

विधायक की खरीद-फरोख्त नहीं

विधायकों के खरीद-फरोख्त पर नितिन गडकरी ने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद है. हम कभी भी विधायकों की खरीद-फरोख्त के पक्ष में नहीं है. हम तैयार हैं, शिवसेना को सकारात्मक सोचना चाहिए. महाराष्ट्र की जनता के हित में फैसला लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार बनाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) या मोहन भागवत की कोई भूमिका नहीं है.

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