पराली से प्रदूषण की समस्या पर सीएम भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट से किया ये निवेदन

 छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से निवेदन किया है. हरियाणा (Hariyana), पंजाब (Punjab) और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाए जाने से प्रदूषण (Pollution) की समस्या को लेकर सीएम बघेल ने निवेदन किया है. सीएम बघेल का कहना है कि खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा हो गया है और एक फसल से दूसरे फसल में जाने के लिए पराली जलाना मजबूरी हो जाती है. इसको लेकर ही सीएम बघेल ने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया है.

सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने रायपुर (Raipur) में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से निवेदन किया कि एक कमेटी गठित की जानी चाहिए. इस कमेटी में विशेषज्ञ शामिल हों और ये कमेटी केन्द्र सरकार को निर्देश दे कि पराली से किस तरह जैविक खाद बनाकर उपयोग किया जा सके. जिससे खेतों की उवर्रा शक्ति भी बढ़ेगी और प्रदूषण भी नहीं होगा.
दिए थे ये सुझाव
सीएम भूपेश बघेल ने हाल ही में सुझाव दिया था कि मनरेगा के नियोजन से इस पराली और ठूंठ को जैविक खाद में बदलने के लिए केन्द्र सरकार निर्देश दे तो न केवल भारी मात्रा में खाद बनेगा, बल्कि पराली जलाया नही जाएगा, जिससे प्रदूषण नहीं होगा. 100 किलोग्राम पराली से लगभग 60 किलोग्राम शुद्ध जैविक खाद बन सकता है. यानी 35 मिलियन टन पराली से लगभग 21 मिलियन टन यानी दो करोड़ 10 लाख टन जैविक खाद बन सकता है, जिससे उर्वरकता खोती पंजाब की न केवल भूमि का उन्न्यन होगा, बल्कि वहां भयानक रूप से बढ़ते कैंसर का प्रकोप भी कम होगा और दिल्ली का स्वास्थ्य भी ठीक होगा.

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