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हाईकोर्ट : दो मुकदमों में रविकांत यादव की जमानत मंजूर, बाहुबली पूर्व सांसद उमाकांत के पुत्र हैं रविकांत

उमाकांत यादव

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली उमाकांत यादव के बेटे रविकांत यादव की दो आपराधिक केस में सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने दिया है। याची के खिलाफ आजमगढ़ के फूलपुर व दीदारगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज है। फूलपुर केस में पूराहादी अंबारी स्थित विश्व बैंक की मदद से बने गांधी आश्रम का ताला तोड़कर अवैध कब्जा कर लेने का आरोप है।

दूसरे केस में दो आपराधिक केस के आधार पर बनी हिस्ट्री सीट पर गिरोहबंद कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। याची 12 फरवरी 21 से जेल में बंद है। कोर्ट ने अभियोग की प्रकृति, साक्ष्य पर दंड की संभावना व सुधारात्मक पहलू सहित दाताराम केस में अनुच्छेद 21 के जीवन की स्वतंत्रता पर विचार करने के बाद सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने, विचारण में सहयोग देने व अपराध में शामिल न होने की शर्त लगाई है। संवाद
अवैध गांजा बरामदगी में आरोपी की जमानत खारिज

जिला न्यायालय ने अवैध रूप से ले जाए जा रहे 11 कुंतल से अधिक गांजे की बरामदगी में आरोपी श्याम जी केसरवानी उर्फ बबलू गुप्ता को जमानत पर रिहा करने से इनकार करते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। यह आदेश एनडीपीएस कोर्ट की विशेष न्यायाधीश रागिनी ने विशेष लोक अभियोजक श्री प्रकाश शुक्ला को सुन कर दिया है।

घटना 9 सितंबर 2020 की है। एनसीबी लखनऊ की टीम ने नैनी के मेवालाल की बगिया तिराहे पर मिर्जापुर से इलाहाबाद की ओर आ रही एक ट्रक के साथ अभियुक्त एवं अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। ट्रक की तलाशी में चावल की भूसी के साथ 11 कुंतल 38 किलो 800 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया था। अभियुक्तों के पास से ट्रक सहित तीन वाहन भी बरामद हुए थे। विशेष लोक अभियोजक द्वारा जमानत का विरोध करते हुए कहा वाणिज्यिक मात्रा से बहुत अधिक मात्रा में बरामदगी की गई है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए विशेष अदालत ने अभियुक्त की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। 
सात साल बीते नामांतरण नहीं, कोर्ट ने सरकारी वकील से मांगी जानकारी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार सदर प्रयागराज के आदेश के बावजूद नामांतरण न करने के मामले में राज्य सरकार के अधिवक्ता से जानकारी मांगी है। तहसीलदार ने सात साल पहले ही 15 नवंबर 14 को नामांतरण का निर्देश जारी किया था। जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। याचिका की सुनवाई दो नवंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने सबीह उर्रहमान खान की याचिका पर दिया है। याची ने 158 मिन्हाजपुर में प्लाट खरीदा। नामांतरण अर्जी का इश्तहार किया गया। कोई आपत्ति नहीं आई। इसके बावजूद नामांतरण नहीं किया गया तो तहसीलदार ने आदेश दिया। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 
सीजेएम कोर्ट में चल रहे मुकदमे में हस्तक्षेप से इंकार, याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीजेएम कोर्ट प्रयागराज में चल रहे अनिल कुमार द्विवेदी के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही रद्द करने से इंकार कर दिया है और वैधता की चुनौती याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि धारा 482 की अंतर्निहित शक्तियों का इस्तेमाल सावधानी पूर्वक किया जाना चाहिए। याची के खिलाफ प्रथम दृष्टया आपराधिक केस बनता है। इसलिए हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति शमीम अहमद ने जार्जटाउन निवासी अनिल कुमार द्विवेदी की याचिका पर दिया है।

जार्जटाउन सीवाई चिंतामणि मार्ग पर विपक्षी की जमीन के कुछ हिस्से पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद है। धमकाने, अवैध निर्माण कराने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस चार्जशीट पर कोर्ट के संज्ञान लेने की वैधता को चुनौती दी गई थी। याची का कहना है कि वह अपनी जमीन पर नक्शा पास कराने के बाद निर्माण करा रहा है। झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली उमाकांत यादव के बेटे रविकांत यादव की दो आपराधिक केस में सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने दिया है। याची के खिलाफ आजमगढ़ के फूलपुर व दीदारगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज है। फूलपुर केस में पूराहादी अंबारी स्थित विश्व बैंक की मदद से बने गांधी आश्रम का ताला तोड़कर अवैध कब्जा कर लेने का आरोप है।

दूसरे केस में दो आपराधिक केस के आधार पर बनी हिस्ट्री सीट पर गिरोहबंद कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। याची 12 फरवरी 21 से जेल में बंद है। कोर्ट ने अभियोग की प्रकृति, साक्ष्य पर दंड की संभावना व सुधारात्मक पहलू सहित दाताराम केस में अनुच्छेद 21 के जीवन की स्वतंत्रता पर विचार करने के बाद सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने, विचारण में सहयोग देने व अपराध में शामिल न होने की शर्त लगाई है। संवाद

अवैध गांजा बरामदगी में आरोपी की जमानत खारिज

जिला न्यायालय ने अवैध रूप से ले जाए जा रहे 11 कुंतल से अधिक गांजे की बरामदगी में आरोपी श्याम जी केसरवानी उर्फ बबलू गुप्ता को जमानत पर रिहा करने से इनकार करते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। यह आदेश एनडीपीएस कोर्ट की विशेष न्यायाधीश रागिनी ने विशेष लोक अभियोजक श्री प्रकाश शुक्ला को सुन कर दिया है।

घटना 9 सितंबर 2020 की है। एनसीबी लखनऊ की टीम ने नैनी के मेवालाल की बगिया तिराहे पर मिर्जापुर से इलाहाबाद की ओर आ रही एक ट्रक के साथ अभियुक्त एवं अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। ट्रक की तलाशी में चावल की भूसी के साथ 11 कुंतल 38 किलो 800 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया था। अभियुक्तों के पास से ट्रक सहित तीन वाहन भी बरामद हुए थे। विशेष लोक अभियोजक द्वारा जमानत का विरोध करते हुए कहा वाणिज्यिक मात्रा से बहुत अधिक मात्रा में बरामदगी की गई है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए विशेष अदालत ने अभियुक्त की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। 

सात साल बीते नामांतरण नहीं, कोर्ट ने सरकारी वकील से मांगी जानकारी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार सदर प्रयागराज के आदेश के बावजूद नामांतरण न करने के मामले में राज्य सरकार के अधिवक्ता से जानकारी मांगी है। तहसीलदार ने सात साल पहले ही 15 नवंबर 14 को नामांतरण का निर्देश जारी किया था। जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। याचिका की सुनवाई दो नवंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने सबीह उर्रहमान खान की याचिका पर दिया है। याची ने 158 मिन्हाजपुर में प्लाट खरीदा। नामांतरण अर्जी का इश्तहार किया गया। कोई आपत्ति नहीं आई। इसके बावजूद नामांतरण नहीं किया गया तो तहसीलदार ने आदेश दिया। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 

सीजेएम कोर्ट में चल रहे मुकदमे में हस्तक्षेप से इंकार, याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीजेएम कोर्ट प्रयागराज में चल रहे अनिल कुमार द्विवेदी के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही रद्द करने से इंकार कर दिया है और वैधता की चुनौती याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि धारा 482 की अंतर्निहित शक्तियों का इस्तेमाल सावधानी पूर्वक किया जाना चाहिए। याची के खिलाफ प्रथम दृष्टया आपराधिक केस बनता है। इसलिए हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति शमीम अहमद ने जार्जटाउन निवासी अनिल कुमार द्विवेदी की याचिका पर दिया है।

जार्जटाउन सीवाई चिंतामणि मार्ग पर विपक्षी की जमीन के कुछ हिस्से पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद है। धमकाने, अवैध निर्माण कराने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस चार्जशीट पर कोर्ट के संज्ञान लेने की वैधता को चुनौती दी गई थी। याची का कहना है कि वह अपनी जमीन पर नक्शा पास कराने के बाद निर्माण करा रहा है। झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

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