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तह.फरसगांव समस्याओं के समाधान हेतु राज्यपाल को प्रेशित ज्ञापन सौंपा**सीपीआई व आनुशांगिक संगठनों ने किया एक दिवसीय धरना-प्रदर्षन*

कोण्डागांव सीपीआई एवं उसकी आनुशांगिक संगठनों द्वारा तहसील मुख्यालय फरसगांव में एक दिवसीय धरना-प्रदर्षन करके जिले के तहसील फरसगांव के अंतर्गत आने वाले ग्रामों की विभिन्न 7 महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान किए जाने के विषयवस्तु से सम्बन्धित तथा राज्यपाल व मुख्य मंत्री को सम्बोधित ज्ञापन को तहसील कार्यालय फरसगांव में पदस्थ तहसीलदार को सौंपा गया है। तहसील फरसगांव के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में निवासरत ग्रामीणजनों से समस्याओं के सम्बन्ध में निरंतर मिल रही षिकायतों को ध्यान में रखते हुए उनकी समस्याओं के समाधान की ओर षासन का ध्यान आकर्शित करने हेतु सीपीआई जिला कोण्डागांव के जिला परिशद् सदस्य एवं जिला सचिव तिलक पाण्डे के निर्देषानुसार फरसगांव में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्षन व ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान बिसम्बर मरकाम जिला अध्यक्ष एआईवायएफ, मुकेश मंडावी जिला अध्यक्ष आदिवासी महासभा, लक्ष्मण महावीर जिला सचिव आदिवासी महासभा, दिनेश मरकाम जिला सचिव एआईएसएफ, नंदूलाल नेताम ब्लाॅक अध्यक्ष फरसगांव, गंगाधर नेताम, कृष्णा नेताम, नरसिंह मरकाम, राजकुमार मरकाम, शिवा नेताम, छेदीलाल नेताम, महादेव नेताम, पिलाराम नेताम, सुखचरण बघेल, रोमनाथ नेताम, सुबरू नेताम सहित अन्य कम्युनिश्ट उपस्थित रहे। ज्ञापन में लेख किया गया है कि जिले के फरसगांव तहसील में शिक्षा, चिकित्सा, सिंचाई, सड़क निर्माण आदि कार्यों के लिए लिए शासन-प्रशासन द्वारा कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। शासन-प्रशासन के उदासीन रवैये की वजह से फरसगांव तहसील का विकास थम सा गया है। यहां व्यवसायिक पाठ्यक्रम की कोई सुविधा नहीं है, जिसके परिणामस्वरुप विद्यार्थियों को अध्ययन करने के लिए बाहर जाना पड़ता है। चिकित्सा का स्तर अत्यन्त निम्न है और सामान्य सर्दी-खांसी के ईलाज लिए भी फरसगांव तहसील से बाहर जाना पड़ता है। वनाधिकार कानून लागु हुए 10 वर्ष से भी अधिक का समय हो चुका है, पर वास्तविक हकदार किसानों को वनाधिकार कानून का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा भी वनाधिकार प्रपत्र दिये जाने में दोहरी नीति अपनायी रही है। भा.क.पा. और उसके आनुशांगिक संगठन ऐसी समस्याओं को लेकर लगातार आन्दोलनरत रहे हैं। इसी क्रम में तहसील फरसगांव की समस्याओं का निराकरण कर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की जा रही है। सीपीआई और आनुशांगिक संगठन जिला कोण्डागांव की तहसील शाखा फरसगांव 1. कोण्डागांव जिले के फरसगांव तहसील के उप तहसील बड़ेडोंगर को पूर्ण तहसील का दर्जा देते हुए बड़ेडोंगर में तत्काल महाविद्यालय की स्थापना करने। 2. जल संसाधन विभाग कोण्डागांव द्वारा तह.फरसगांव के ग्राम पंचायत कबोंगा व हाथीपखना के मध्य बहने वाली भवरडीग नदी पर निर्मित एनीकट जो निर्मित होने के तुरन्त बाद वर्ष 2015-16 में पूरी तरह टुट गया है, का निर्माण कार्य सम्बन्धित ठेकेदार के स्वयं के खर्च पर तत्काल प्रारंभ कराने। 3. तहसील फरसगांव में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति तत्काल की जाने। 4. तह.फरसगाव के अंतर्गत समस्त ग्रामों में निवासरत सभी जाति वर्ग के लोगों को जो वन भूमि पर वर्ष 2005 के पूर्व से काबिज काश्त हैं, उन्हें पात्रता के आधार पर तत्काल वनाधिकार प्रपत्र प्रदान किया जाए तथा पात्र किसानों के वन भूमि पर वन विभाग द्वारा पौधा रोपण न किए जाने। 5. वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से बिना सलाह मशविरा किये वनों की सीमायें निर्धारित की गयी है, जिससे ग्रामीणों में सीमा विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है उस पर तत्काल जांच कमेटी बैठाकर ग्रामीणों की सलाह से वनों की सीमायें निर्धारित की जाने। 6. शिक्षित बेरोजगारों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार प्रदान किया जाय तथा जब तक उन्हें रोजगार प्रदाय नहीं किया जाता है, तब तक उन्हें बेरोजगारी भत्ता प्रदाय किए जाने। 7. प्रधान मंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री व मजदुरी का भुगतान तत्काल किए जाने की मांग की गई है।

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