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नाश्ते से डिनर तक सब महंगा: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई में लगाई आग, मालभाड़े में हुई बढ़ोतरी

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पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम आदमी की जेब पर भी दिखने लगा है। कई लोगों ने पेट्रोल की कीमत सौ के पार जाते ही बस से दफ्तर जाना शुरू कर दिया है, तो कई कार पूल और शेयरिंग से ऑफिस पहुंच रहे हैं। यही नहीं, नाश्ते से लेकर रात के खाने तक की प्लेट पर भी महंगाई का असर दिख रहा है।

नोएडा में एक निजी कंपनी में इंजीनियर पल्लवपुरम निवासी वैभव पेट्रोल का रेट 100 के पार जाने के बाद बस से दफ्तर जाने लगे हैं। बागपत के छपरौली के एक कॉलेज में प्राचार्य डॉ. कविता जैन भी मेरठ से 14 शिक्षकों के साथ पूल बनाकर किराए की कार से जा रही हैं। वह कहती हैं कि किराए पर खर्च 25 फीसदी तक बढ़ गया है। वैभव और डॉ.कविता अकेले नहीं हैं जो पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से परेशान हैं। मध्यवर्गीय परिवारों के बजट पर महंगाई की मार पड़ी है। एक साल में पेट्रोल की कीमतें 29 और डीजल 21 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ी हैं।

फल-सब्जियों के भी दाम बढ़े
सितंबर 2020 से 11 अक्तूबर 2021 के बीच रसोई गैस सिलिंडर पर 304 रुपये बढ़े हैं। पेट्रोल, डीजल और सिलिंडर के दाम बढ़ने के कारण नाश्ते से डिनर तक महंगा हो गया है। चाय पत्ती, दूध, फल, सब्जी ब्रेड, अंडा, तेल और दालों के दाम बढ़े हैं।

प्रमुख शहरों के लिए मालभाड़े में बढ़ोतरी
स्टेशन       पहले      अब
अहमदाबाद    38000     44,000
जयपुर          18000     21000
गुवाहाटी       1 लाख        1.15 लाख
कोलकाता      65000    72000
लुधियाना     12000    16000
चंडीगढ़        9 हजार     11 हजार

यह भी पढ़ें: खौफनाक खुलासा: लड़कियों को जाल में फंसाता था सूरज, आरोपी ने पूछताछ में खोले बड़े राज और…

ऐसे बढ़ रहा पेट्रोल-डीजल का दाम
माह          पेट्रोल      एक्स्ट्रा प्रीमियम    डीजल
अक्तूबर    101.20    105.15    93.34
सितंबर     98.47    102.45    90.02
अगस्त      98.29    102.31    89.03
जुलाई     98.57    102.59    89.93
जून        95.63     99.64     89.25
मई        91.14     95.45    84.95

कपड़ा कारोबार पर असर
डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से भाड़ा महंगा हुआ है। रेडीमेड  कपड़ों पर जीएसटी बढ़ाने की तैयारी है। संकट और बढ़ेगा। -अंकुर गोयल, उद्यमी खंदक बाजार।

मुश्किल में संचालक
एक साल पहले पेट्रोल का जो टैंकर 8 लाख रुपये में आता था वह अब 12 का आ रहा है। -संजय जैन, संचालक, सूरजकुंड फिलिंग स्टेशन।

ट्रांसपोर्ट भाड़ा 15 प्रतिशत बढ़ाया
तेल के दाम बढ़ने से ट्रकों का भाड़ा 15% तक बढ़ा है। प्रतिदिन 300 करोड़ का कारोबार घटकर 230 करोड़ के करीब रह गया है। -गौरव शर्मा, अध्यक्ष,  मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।

त्योहारों की रंगत फीकी
महंगाई की वह से त्योहारों की रंगत भी फीकी पड़ रही है।  घर का बजट भी बिगड़ गया है। घर में जरूरी चीजों में कटौती करनी पड़ी है। -पुष्कर गोस्वामी, कर्मचारी, प्राइवेट कंपनी।

विस्तार

नोएडा में एक निजी कंपनी में इंजीनियर पल्लवपुरम निवासी वैभव पेट्रोल का रेट 100 के पार जाने के बाद बस से दफ्तर जाने लगे हैं। बागपत के छपरौली के एक कॉलेज में प्राचार्य डॉ. कविता जैन भी मेरठ से 14 शिक्षकों के साथ पूल बनाकर किराए की कार से जा रही हैं। वह कहती हैं कि किराए पर खर्च 25 फीसदी तक बढ़ गया है। वैभव और डॉ.कविता अकेले नहीं हैं जो पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से परेशान हैं। मध्यवर्गीय परिवारों के बजट पर महंगाई की मार पड़ी है। एक साल में पेट्रोल की कीमतें 29 और डीजल 21 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ी हैं।

फल-सब्जियों के भी दाम बढ़े

सितंबर 2020 से 11 अक्तूबर 2021 के बीच रसोई गैस सिलिंडर पर 304 रुपये बढ़े हैं। पेट्रोल, डीजल और सिलिंडर के दाम बढ़ने के कारण नाश्ते से डिनर तक महंगा हो गया है। चाय पत्ती, दूध, फल, सब्जी ब्रेड, अंडा, तेल और दालों के दाम बढ़े हैं।

प्रमुख शहरों के लिए मालभाड़े में बढ़ोतरी

स्टेशन       पहले      अब

अहमदाबाद    38000     44,000

जयपुर          18000     21000

गुवाहाटी       1 लाख        1.15 लाख

कोलकाता      65000    72000

लुधियाना     12000    16000

चंडीगढ़        9 हजार     11 हजार

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ऐसे बढ़ रहा पेट्रोल-डीजल का दाम
माह          पेट्रोल      एक्स्ट्रा प्रीमियम    डीजल
अक्तूबर    101.20    105.15    93.34
सितंबर     98.47    102.45    90.02
अगस्त      98.29    102.31    89.03
जुलाई     98.57    102.59    89.93
जून        95.63     99.64     89.25
मई        91.14     95.45    84.95

कपड़ा कारोबार पर असर
डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से भाड़ा महंगा हुआ है। रेडीमेड  कपड़ों पर जीएसटी बढ़ाने की तैयारी है। संकट और बढ़ेगा। -अंकुर गोयल, उद्यमी खंदक बाजार।

मुश्किल में संचालक
एक साल पहले पेट्रोल का जो टैंकर 8 लाख रुपये में आता था वह अब 12 का आ रहा है। -संजय जैन, संचालक, सूरजकुंड फिलिंग स्टेशन।

ट्रांसपोर्ट भाड़ा 15 प्रतिशत बढ़ाया
तेल के दाम बढ़ने से ट्रकों का भाड़ा 15% तक बढ़ा है। प्रतिदिन 300 करोड़ का कारोबार घटकर 230 करोड़ के करीब रह गया है। -गौरव शर्मा, अध्यक्ष,  मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।

त्योहारों की रंगत फीकी
महंगाई की वह से त्योहारों की रंगत भी फीकी पड़ रही है।  घर का बजट भी बिगड़ गया है। घर में जरूरी चीजों में कटौती करनी पड़ी है। -पुष्कर गोस्वामी, कर्मचारी, प्राइवेट कंपनी।

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