Lok Shakti.in

Nationalism Always Empower People

Noida news: कोयले की कमी का असर नोएडा तक, आज से बढ़ सकती है बिजली कटौती

Noida news: कोयले की कमी का असर नोएडा तक, आज से बढ़ सकती है बिजली कटौती

हाइलाइट्सकोयले की कमी का असर उत्तर प्रदेश और एनसीआर परनोएडा पावर कारपोरेशन लिमिटेड को मिल रही 20 फीसदी कम बिजलीशहरी क्षेत्र में 2 से 3 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 4 से 5 घंटे बिजली कटौतीनोएडा
कोयले की कमी का असर बिजली आपूर्ति पर पड़ने लगा है। एनपीसीएल (नोएडा पावर कारपोरेशन लिमिटेड) को जरूरत के मुकाबले 20 फीसदी कम बिजली मिल पा रही है। ऐसे में एनपीसीएल ने शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्र में कटौती शुरू कर दी है।

रविवार को बिजली कटौती का असर देखने को मिला। एनपीसीएल को 420 मेगावॉट की खपत पर लगभग 340 मेगावाट बिजली मिल पा रही है। रविवार के दिन औद्योगिक क्षेत्र बंद होने की वजह से कम कटौती की गई, लेकिन सोमवार के दिन कटौती का समय बढ़ सकता है।

औद्योगिग इलाके मे रात को कटौती
एनपीसीएल के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्र में 2 से 3 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 4 से 5 घंटे बिजली कटौती की बात कही है। दोनों ही क्षेत्र में दिन के समय बिजली कटौती की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कटौती 2 से 3 घंटे के लिए रात के समय होगी।

अधिकारी बिजली बचाने की कर रहे अपील
ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एनपीसीएल दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक बिजली कटौती करेगा। एनपीसीएल ने बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ताओं को सूचना जारी कर दी है। एमपीसीएल के अधिकारी उपभोक्ताओं से लगातार बिजली बचाने की अपील कर रहे हैं।

जरूरत पड़ने पर ही बिजली उपयोग में लाने के लिए कहा है। एमपीसीएल अधिकारियों के अनुसार अगर जरूरत पड़ने पर ही उपभोक्ता बिजली उपयोग करते हैं तो काफी हद तक खपत में कमी आएगी।

आज और बढ़ सकती है बिजली की खपत
दादरी में एनटीपीसी के पावर प्लांट में कोयले का 1 दिन का स्टॉक बचा है। इस पावर प्लांट से दिल्ली समेत एनसीआर के कई हिस्सों में बिजली सप्लाई की जाती है। ग्रेटर नोएडा में भी दादरी पावर प्लांट से बिजली मिलती है। पावर प्लांट पर कोयले की किल्लत 1 दिन और चली तो शहर के कई हिस्सों से बिजली गुल हो सकती है।

रविवार के दिन औद्योगिक क्षेत्र बंद होने से बिजली खपत कुछ कम होती है। इसकी वजह से रविवार को बिजली कटौती ज्यादा देर नहीं हुई। सोमवार को औद्योगिक क्षेत्र खुल जाने से बिजली खपत बढ़ेगी तो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कटौती की जाएगी।

फाइल फोटो

%d bloggers like this: