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मुख्यमंत्री पद गंवाने के डर से ममता बेचैन हो कर रही लोगों से मिन्नत

भवानीपुर से ही सीएम बनने का ख्वाब देख रहीं ममता बैनर्जी को अब अपनी पराजय का और मुख्यमंत्री पद गवाने का डर हो गया है।

अब हालात ये हो गये हैं की ममता बैनर्जी को लगता है कि वह ज्यादा दिनों तक सीएम नहीं रहीं तो? इसीलिये अब उन्होंने अपने नईनीति का प्रयोग करते हुए भवानीपुर सीट के लिये वोट देने को कहा है। उन्होंने कहा एक वोट भी महत्वपूर्ण है. इसलिए अपना वोट जरूर दें. यदि आप वोट नहीं देंगे, तो मैं सीएम नहीं रह पाऊंगी, कोई और सीएम होगा. इसलिए जरूर वोट दें और उन्हें जीताएं. क्योंकि यह बड़ी लड़ाई है. 

गौरतलब है कि बंगाल में चुनाव के समय जो हिंसा हुई थी उसमें जो भाजपा नेताओं पर हमले और मौत का खेल हुआ था वह अब तक 149 बीजेपी कार्यकर्ता टीएमसी की राजनीतिक हिंसा के शिकार हो चुके हैं।

चुनाव नतीजे आने के बाद टीएमसी के गुंडों ने जमकर ‘मौत का खेलÓ खेला था। इस खेल का शिकार कुछ ऐसे बीजेपी नेता और कार्यकर्ता हुए, जो उस समय किसी तरह जान बचाने में सफल रहे, लेकिन आज तक जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनमें से एक दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट पश्चिम से बीजेपी के उम्मीदवार और मथुरापुर के बीजेपी उपाध्यक्ष मानस साहा भी थे, जो करीब छह महीने तक संघर्ष करने के बाद आज (22 सितंबर, 2021) दम तोड़ दिया।

मानस पर टीएमसी के गुंडों ने उस समय हमला किया था, जब वो 2 मई को बीजेपी समर्थकों के साथ डायमंड हार्बर कॉलेज के मतगणना केंद्र से वापस आ रहे थे। इस दौरान टीएमसी के गुंडों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और बीमार रहने लगे थे। बीजेपी के मुताबिक तबीयत बिगडऩे के बाद मानस साहा को बुधवार सुबह ठाकुरपुकुर के नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

अस्पताल पहुंचे बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि अगर परिवार के सदस्यों ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई तो वह चुनाव के बाद की हिंसा के इस मामले की भी सीबीआइ जांच की मांग की जाएगी। दूसरी ओर, चुनाव बाद हिंसा में नदिया में बीजेपी के एक समर्थक हुई हत्या के मामले में सीबीआइ ने एक और प्राथमिकी दर्ज की है। अब कुल एफआईआर की संख्या बढ़कर 39 हो गई है। मृतक की पत्नी पूर्णिमा दे ने आरोप लगाया कि उनके पति नारायण दे को टीएमसी के गुंडों ने बुरी तरह पीटा था जिससे वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे।

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