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Ghaziabad news: कहने को गाजियाबाद एजुकेशन हब, पर रैंकिंग में नंबर-1 कब? 200 कॉलेजों में से कोई भी रैंक में नहीं

Ghaziabad news: कहने को गाजियाबाद एजुकेशन हब, पर रैंकिंग में नंबर-1 कब? 200 कॉलेजों में से कोई भी रैंक में नहीं

कुलदीप कांबोज, गाजियाबाद
यूं तो गाजियाबाद को एजुकेशन हब रूप में भी जाना जाता है। यहां करीब 200 कॉलेज हैं, जो डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) से संबद्ध हैं, लेकिन जब देश के शिक्षण संस्थाओं की रैंकिंग जारी होती है, तो यहां के कॉलेज शीर्ष 5 या 10 क्या टॉप-20 में भी जगह नहीं बना पाते हैं।

हाल ही में जारी हुई देशभर के शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग में इस बार गाजियाबाद के महज 3 कॉलेजों ने जगह बनाई है। रिसर्च इंस्टिट्यूट में अकैडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च ने 22वां स्थान हासिल किया तो मैनेजमेंट में इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नॉलजी 38वें नंबर पर है।

176 नंबर पर इंजिनियरिंग कॉलेज
इंजिनियरिंग में काइट ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट ने 176वें नंबर पर जगह बनाई है। काइट के प्रशासक मनोज गोयल का दावा है कि रैकिंग में ग्रुप के इंजीनियरिंग कॉलेज के अलावा फार्मेसी कॉलेज को 76वीं रैंक मिली है। दोनों कॉलेजों की रैंक गाजियाबाद में पहली व एकेटीयू कॉलेजों में दूसरी है। गौरतलब है कि रैंकिंग में जिले के कई कॉलेजों ने हिस्सा लिया था।

किस क्षेत्र के कितने कॉलेजों ने लिया था हिस्सा
इंजीनियरिंग 11
मैनेजमेंट 9
फार्मेसी 4
रिसर्च 1
(स्त्रोत : नैशनल इंटिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क)

रैंकिंग के प्रमुख पैरामीटर
स्टूडेंट्स और टीचर का रेशियो
वित्तीय संसाधन और उनका उपयोग
रिसर्च पब्लिकेशन और इम्पैक्ट
दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स की संख्या
छात्रों और सोशली चैलेंज्ड विद्यार्थियों का प्रतिशत
पीएचडी और ग्रेजुएट होने वाले विद्यार्थियों का औसत
दिव्यांग छात्रों के लिए संस्थान में सुविधाएं

शिक्षा विभाग की ओर से जारी रैंकिंग में प्रमुख शिक्षण संस्थान ही शामिल हैं। देश के हर शहर के कॉलेजों को शामिल करके रैंकिंग जारी करनी चाहिए। ऐसा होने पर शहर के कई कॉलेज टॉप शिक्षण संस्थानों में जगह बनाने में सफल होंगे।

आनंद प्रकाश, चेयरमैन हाईटेक इंस्टिट्यूट

क्या कहते हैं शिक्षाविद
शिक्षाविदों का कहना है कि गाजियाबाद में ऐसे कई कॉलेज हैं, जो हर मानक पर खरा उतरते हैं। इसके बावजूद वे टॉप कॉलेजों में जगह नहीं बना पाते हैं तो इसका कारण यह है कि रैंकिंग की रेस में वे शामिल नहीं हो पाते हैं। कुछ कॉलेज इसमें रुचि नहीं दिखाते हैं तो कुछ को इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं होती है।

शहर में कई कॉलेज ऐसे हैं, जो मानकों पर पूरी तरह से खरा उतरते हैं। इसके बाद भी कोई कॉलेज टॉप टेन में जगह नहीं बना पाया, यह हैरानी की बात है। टॉप 50 में2 कॉलेज जरूर जगह बनाने में सफल रहे हैं।

डॉ. अतुल जैन, महासचिव, टेक्निकल इंस्टिट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ यूपी

आईएमएस सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी राकेश छारिया ने बताया कि सोसायटी के सभी कॉलेज सुविधाओं में किसी से कम नहीं हैं, लेकिन हम रैकिंग के लिए आवेदन ही नहीं करते हैं। सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टिटयूशंस के वाइस चेयरमैन अखिल अग्रवाल ने बताया कि ग्रुप के सभी कॉलेज मानकों पर खरा उतरते हैं, लेकिन अभी तक हमने इस रैकिंग के लिए आवेदन ही नहीं किया था। अगले वर्ष की रैंकिंग में भाग लेने का विचार है।

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