June 19, 2021

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तिब्बत में चीनी लड़ाकू विमानों के साथ उड़ रहे पाकिस्तानी फाइटर जेट, भारत के लिए खतरे की घंटी क्यों?

पाकिस्तानी वायु सेना चीन के साथ तिब्बत में संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है। पहले से विवादित क्षेत्र में दो दुश्मनों के एक साथ युद्धाभ्यास करने से भारत की चिंताएं बढ़ गई है। लद्दाख से सटा तिब्बत का इलाका पहले से ही विवादों का केंद्र रहा है। ऐसे में चीन-पाक के इस युद्धाभ्यास पर भारत की कड़ी नजर है। इस युद्धाभ्यास में चीनी वायु सेना के अलावा पाकिस्तानी वायु सेना के कई लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। लद्दाख सीमा से सटे हुए तिब्बत में दो दुश्मन मुल्कों की सेना और वायु सेना की अति सक्रियता भारत के लिए परेशानी की बात है। यही कारण है कि भारतीय थल सेना और वायु सेना ने तत्काल ही चीन से लगी पूरी सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी है। लद्दाख के सीमा से सटे हुए इलाकों में इस समय खास सावधानी बरती जा रही है। रडार, लड़ाकू विमान और अवाक्स चौबीसों घंटे सीमा की निगरानी कर रहे हैं।

चीन और पाकिस्तान के द्विपक्षीय युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों के लड़ाकू विमान हवा से हवा, हवा से जमीन और हवा से पानी में मिसाइल दागने और लक्ष्य को बर्बाद करने का अभ्यास कर रहे हैं। तिब्बत में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की मौजूदगी बेहद खास मानी जा रही है। अमूमन यह देखा जाता है कि कोई भी देश किसी दूसरे देश के साथ युद्धाभ्यास के दौरान उस क्षेत्र में उड़ान नहीं भरता जो विवादित हो। तिब्बत के कई इलाके भारत और चीन के बीच विवादित हैं, फिर भी पाकिस्तान इस इलाके में युद्धाभ्यास कर रहा है। उसके लड़ाकू विमान भारतीय वायुसीमा से कुछ ही दूरी पर उड़ान भर रहे हैं।

चीन और पाकिस्तान के संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए तिब्बत को चुने जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तिब्बत सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। चीन ने छल से बौद्ध बहुल इस इलाके पर अपना कब्जा जमाया हुआ है। यह इलाका भारत के पूर्वी लद्दाख से सटा हुआ है। पिछले एक साल से यह पूरा क्षेत्र भारत और चीन के बीच विवाद का केंद्र बना हुआ है। यही कारण है कि पाकिस्तान और चीन ने भारत को उकसाने के लिए इस इलाके को चुना है। पाकिस्तान की चाल यह है कि वह कश्मीर के पूर्व में अपनी उपस्थिति दिखाकर खुद को ताकतवर होने और चीन को अपना दोस्त बताने का प्रयास कर रहा है।

पाकिस्तान यह जानता है कि वह किसी भी सूरत में बिना चीन की मदद के भारत के साथ जंग नहीं लड़ सकता। ऐसे में पाकिस्तान को चीन की जरूरत है। वहीं चीन भी जानता है कि बिना पाकिस्तान के वह भारत को ज्यादा नहीं दबा सकता है। इसलिए, ड्रैगन ने भी मौका देखकर अपने दोस्त को भारत के खिलाफ तैयारियों के लिए विवादित क्षेत्र में आमंत्रित किया है। पाकिस्तान ने भी इसका बदला चुकाने के लिए चीनी सेना को कई बार पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आमंत्रित किया हुआ है। चीन की कई कंपनियां भारत के इस क्षेत्र में अवैध रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रही हैं।

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