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Akhilesh Yadav News:’आंबेडकर जयंती पर मनाएं दलित दिवाली’ ट्वीट पर फंसे समाजवादी पार्टी चीफ, ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #माफी_मांगो_अखिलेश

Akhilesh Yadav News:'आंबेडकर जयंती पर मनाएं दलित दिवाली' ट्वीट पर फंसे समाजवादी पार्टी चीफ, ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #माफी_मांगो_अखिलेश

हाइलाइट्स:अखिलेश यादव ने कहा भाजपा के शासन में राजनीतिक पर अमावस्या कालअखिलेश ने कहा 14 अप्रैल को मनाएं दलित दिवालीसपा चीफ के ट्वीट पर ट्रोलर्स ने साधा निशाना, अखिलेश के खिलाफ हुआ ट्विटर पर ट्रेंटलखनऊलोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी मिलकर चुनाव लड़े थे। करारी हार के बाद यह गठबंधन टूट गया और दोनों दलों के बीच बड़ी दरार आ गई। अब अखिलेश यादव ने दलितों को लुभाने के लिए 14 अप्रैल को दलित दिवाली माने की बात कही है। हालांकि उनके इस आव्हान पर वह बुरी तरह से घिर गए हैं। ट्विटर पर #माफी_मांगो_अखिलेश टॉप ट्रेंडिंग है।अखिलेश ने बीएसपी के कोर वोटरों पर पैठ बनाने के लिए 14 अप्रैल को आंबेडकर जंयती पर ‘दलित दिवाली’ मनाने का फैसला किया है। पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी 14 अप्रैल की शाम पार्टी कार्यालय, अपने घरों, सार्वजनिक स्थल और आंबेडकर प्रतिमा स्थलों पर दीपक जलाकर उनको श्रद्धा के साथ नमन करेंगे।14 अप्रैल को मनाएं दलित दिवालीसपा ने इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को तैयार करने को कहा है। उन्होंने इस मामले में ट्वीट भी किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘भाजपा के राजनीतिक अमावस्या के काल में वो संविधान खतरे में है, जिससे बाबासाहेब ने स्वतंत्र भारत को नई रोशनी दी थी। इसलिए बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती, 14 अप्रैल को समाजवादी पार्टी यूपी, देश और विदेश में ‘दलित दीवाली’ मनाने का आह्वान करती है।’ट्वीट पर घिरे अखिलेश यादवहालांकि इस ट्वीट पर अखिलेश घिर गए। ट्विटर पर लोगों ने #माफी_मांगो_अखिलेश और #Shame_On_You_AkhileshYadav ट्वीट करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते #माफी_मांगो_अखिलेश टॉप ट्रेडिंग हो गया।’आंबेडकर को दलितों तक किया सीमित’एक यूजर ने लिखा कि कनाडा में आंबेडकर जयंती को समानता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और अखिलेश भारत में लोगों को बांटने की बात कर रहे हैं। लोगों ने लिखा कि आंबेडकर जी कहते थे कि हम सिर्फ भारतीय हैं और अखिलेश यादव यादव भारत के लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। किसी ने लिखा कि इस तरह के ट्वीट से अखिलेश ने आंबेडकर को सिर्फ दलितों तक सीमित कर दिया। अखिलेश यादव (फाइल फोटो)