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प्रतापगढ़ में घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा, भाजपा विधायक ने एसपी पर लगाया पीटने, कपड़ा फाड़ने का आरोप

pratapgarh news : डीएम आवास के सामने सड़क पर लेटे भाजपा विधायक धीरज ओझा।

pratapgarh news : डीएम आवास के सामने सड़क पर लेटे भाजपा विधायक धीरज ओझा।
– फोटो : pratapgarh news

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मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाकर रानीगंज विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा बुधवार को डीएम के कैंप कार्यालय में धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि एसपी ने उनकी पिटाई की, जिससे उनके कपड़े फट गए। बाद में विधायक डीएम आवास के बाहर सड़क पर लेट गए, लगभग तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद डीएम डॉ. नितिन बंसल उन्हें अपने साथ कार्यालय ले गए और मामले की जांच का भरोसा दिलाया तब जाकर मामला शांत हुआ। वहीं एसपी का कहना है कि उन्होंने दुर्व्यवहार करने के लिए मना किया, तो झूठा आरोप लगाने लगे। 
रानीगंज विधायक धीरज ओझा बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपने समर्थकों के साथ डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे। डीएम की गैरमौजूदगी में वह उनके चैंबर में धरने पर बैठ गए। विधायक जिस समय डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे उस समय डीएम, एसपी पट्टी ब्लाक में नामांकन कार्यों का जायजा ले रहे थे। विधायक के धरने पर बैठने की जानकारी होेते ही डीएम और एसपी आकाश तोमर कैंप कार्यालय पहुंचे और विधायक से धरने पर बैठने का कारण पूछने लगे।
अभी अंदर बात चल ही रही थी कि थोड़ी देर बाद  विधायक फटा कुर्ता लेकर बाहर आए और एसपी पर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए फर्श पर लेट गए। एसपी पर कपड़ा फाड़ने व गोली मरवा देने का भी आरोप लगाते रहे। यह देखकर  विधायक के समर्थक डीएम व एसपी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। हालांकि कुछ ही देर में डीएम बाहर आए और किसी तरह विधायक को  समझाबुझाकर भीतर ले गए। चैंबर में विधायक व डीएम के बीच बातचीत होती रही। करीब तीन घंटे बाद डीएम ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कराई जाएगी। तब जाकर मामला शांत हुआ। 
यह था आरोप
विधायक रानीगंज का आरोप था कि शिवगढ़ विकास खंड के बिंदागंज ग्राम पंचायत में  मोहम्मद आमिर का नाम गायब कर दिया गया है, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम शामिल है। एसडीएम रानीगंज निष्पक्षता से कार्य नहीं कर रहे हैं। बिंदागंज में एक दबंग व्यक्ति के दबाव में अफसर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रहे हैं। उन्होंने रानीगंज पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। हंगामे की खबर सुनने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्रा, पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ समेत भाजपा के नेता जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में डटे रहे।सीएम आफिस और प्रदेश अध्यक्ष का घनघनाया फोनडीएम कैंप कार्यालय पर हुए घटनाक्रम की जानकारी करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का फोन घनघनाया। डीएम, एसपी से अलग-अलग  बात कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। हालांकि विधायक के प्रदर्शन के दौरान डीएम कैंप कार्यालय पर भाजपा नेताओं का जमघट लगातार बढ़ता ही जा रहा था।रानीगंज विधायक मतदाता सूची के मामले को लेकर डीएम चैंबर में धरने पर बैठे थे। मैंने दुर्व्यवहार करने के लिए मना किया, तो झूठा आरोप लगाने लगे। जबकि संपूर्ण प्रकरण से पुलिस का कोई सरोकार नहीं है।आकाश तोमर, एसपीविधायक रानीगंज का आरोप था कि मतदाता सूची में एक व्यक्ति का नाम नहीं बढ़ाया गया है और एक दूसरे व्यक्ति का गलत ढंग से नाम बढ़ा दिया गया है। जिस व्यक्ति का नाम शामिल नहीं होने की बात कह रहे हैं, उस प्रकरण की जांच कराई जा चुकी है। एसडीएम का निर्णय सही है। अगर किसी गलत व्यक्ति ने किसी ग्राम पंचायत में अपना नाम शामिल कराया है, तो उसकी जांच कराई जा रही है, अगर मामला सही होगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।डा. नितिन बंसल, डीएम

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाकर रानीगंज विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा बुधवार को डीएम के कैंप कार्यालय में धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि एसपी ने उनकी पिटाई की, जिससे उनके कपड़े फट गए। बाद में विधायक डीएम आवास के बाहर सड़क पर लेट गए, लगभग तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद डीएम डॉ. नितिन बंसल उन्हें अपने साथ कार्यालय ले गए और मामले की जांच का भरोसा दिलाया तब जाकर मामला शांत हुआ। वहीं एसपी का कहना है कि उन्होंने दुर्व्यवहार करने के लिए मना किया, तो झूठा आरोप लगाने लगे। 

विरोध प्रदर्शन पर बैठे भाजपा विधायक
– फोटो : अमर उजाला

रानीगंज विधायक धीरज ओझा बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपने समर्थकों के साथ डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे। डीएम की गैरमौजूदगी में वह उनके चैंबर में धरने पर बैठ गए। विधायक जिस समय डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे उस समय डीएम, एसपी पट्टी ब्लाक में नामांकन कार्यों का जायजा ले रहे थे। विधायक के धरने पर बैठने की जानकारी होेते ही डीएम और एसपी आकाश तोमर कैंप कार्यालय पहुंचे और विधायक से धरने पर बैठने का कारण पूछने लगे।

अभी अंदर बात चल ही रही थी कि थोड़ी देर बाद  विधायक फटा कुर्ता लेकर बाहर आए और एसपी पर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए फर्श पर लेट गए। एसपी पर कपड़ा फाड़ने व गोली मरवा देने का भी आरोप लगाते रहे। यह देखकर  विधायक के समर्थक डीएम व एसपी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। हालांकि कुछ ही देर में डीएम बाहर आए और किसी तरह विधायक को  समझाबुझाकर भीतर ले गए। चैंबर में विधायक व डीएम के बीच बातचीत होती रही। करीब तीन घंटे बाद डीएम ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कराई जाएगी। तब जाकर मामला शांत हुआ। 
यह था आरोप
विधायक रानीगंज का आरोप था कि शिवगढ़ विकास खंड के बिंदागंज ग्राम पंचायत में  मोहम्मद आमिर का नाम गायब कर दिया गया है, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम शामिल है। एसडीएम रानीगंज निष्पक्षता से कार्य नहीं कर रहे हैं। बिंदागंज में एक दबंग व्यक्ति के दबाव में अफसर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रहे हैं। उन्होंने रानीगंज पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। हंगामे की खबर सुनने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्रा, पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ समेत भाजपा के नेता जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में डटे रहे।सीएम आफिस और प्रदेश अध्यक्ष का घनघनाया फोनडीएम कैंप कार्यालय पर हुए घटनाक्रम की जानकारी करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का फोन घनघनाया। डीएम, एसपी से अलग-अलग  बात कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। हालांकि विधायक के प्रदर्शन के दौरान डीएम कैंप कार्यालय पर भाजपा नेताओं का जमघट लगातार बढ़ता ही जा रहा था।रानीगंज विधायक मतदाता सूची के मामले को लेकर डीएम चैंबर में धरने पर बैठे थे। मैंने दुर्व्यवहार करने के लिए मना किया, तो झूठा आरोप लगाने लगे। जबकि संपूर्ण प्रकरण से पुलिस का कोई सरोकार नहीं है।आकाश तोमर, एसपीविधायक रानीगंज का आरोप था कि मतदाता सूची में एक व्यक्ति का नाम नहीं बढ़ाया गया है और एक दूसरे व्यक्ति का गलत ढंग से नाम बढ़ा दिया गया है। जिस व्यक्ति का नाम शामिल नहीं होने की बात कह रहे हैं, उस प्रकरण की जांच कराई जा चुकी है। एसडीएम का निर्णय सही है। अगर किसी गलत व्यक्ति ने किसी ग्राम पंचायत में अपना नाम शामिल कराया है, तो उसकी जांच कराई जा रही है, अगर मामला सही होगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।डा. नितिन बंसल, डीएम