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बैरक के अंदर सीसीटीवी, 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों का पहरा, जानिए मुख्तार अंसारी पर बांदा जेल में कैसे रखी जा रही है निगरानी?

बैरक के अंदर सीसीटीवी, 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों का पहरा, जानिए मुख्तार अंसारी पर बांदा जेल में कैसे रखी जा रही है निगरानी?

हाइलाइट्स:बीएसपी विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को लेकर यूपी पुलिस बुधवार तड़के बांदा जेल पहुंचीमुख्तार अंसारी को जिस बैरक में रखा गया है, वहां कड़ी सुरक्षा की गई है, आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरेमुख्तार अंसारी को किसी से मिलने की इजाजत नहीं है, सुबह 10 उनका कोरोना टेस्ट भी किया गयाबांदा करीब दो साल पंजाब की जेल में बिताने के बाद बीएसपी विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को लेकर यूपी पुलिस बुधवार तड़के बांदा जेल पहुंची। मुख्तार अंसारी को जिस बैरक में रखा गया है, वहां कड़ी सुरक्षा की गई है। मुख्तार अंसारी को बैरक नंबर-16 में रखा गया है। यहां अन्य कैदियों की आवाजाही पर रोक है। अंसारी को किसी से मिलने की इजाजत नहीं है। सुबह 10 उनका कोरोना टेस्ट भी किया गया। बांदा के प्रभारी जेलर प्रमोद तिवारी ने कहा, ‘मुख्तार अंसारी को लेकर जेल में सुरक्षा के इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। जेल के बाहर और भीतर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं। बैरक में रोशनी, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई पहले की दुरुस्त की जा चुकी है। बैरक में अन्य कैदियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और बैरक के अंदर भी तीन सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।’जेल का मुख्य द्वार बंद, ऑन ड्यूटी लोगों को ही एंट्रीजेलर ने बताया कि अब तक खुला रहने वाला जेल परिसर का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया है। अब तलाशी के बाद सिर्फ ड्यूटी पर आने वाले जेलकर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति है। वहीं, बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि अंसारी के स्वास्थ्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश उन्हें मिला है, जिसके बाद चार चिकित्सकों की एक समिति गठित की गई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘मुख्तार अंसारी के लिए अलग सेल बनाया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उसकी निगरानी करेगी। बैरक के आसपास सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। जेल अधिकारियों के अनुरोध पर बांदा जेल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरक‍ के अंदर 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों का पहरा रहेगा।’मंगलवार दो बजे पंजाब से रवाना हुआ मुख्तार अंसारीइससे पहले मुख्तार अंसारी को लेकर पुलिस अधिकारियों के वाहन ने तड़के साढ़े चार बजे बांदा जेल में प्रवेश किया। पंजाब से मुख्तार अंसारी को पूरी चौकसी और भारी सुरक्षा के बीच पुलिस की टीम मंगलवार दोपहर करीब दो बजे रोपड़ जेल से लेकर रवाना हुई और शाम करीब छह बजे उत्‍तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश किया। 12 अप्रैल को मुख्तार अंसारी की कोर्ट में पेशीउत्तर प्रदेश पुलिस ने एंबुलेंस, दंगा रोधी वाहन और भारी सुरक्षा बल के साथ मुख्तार अंसारी को रोपड़ जेल से बांदा लाने के लिए करीब 14 घंटे सफर किया। बांदा जेल परिसर छावनी में तब्दील हो गया था और पुलिस चारों ओर चौकसी बरत रही थी। इस बीच, लखनऊ में एमपी-एमएलए (सांसद-विधायक) की विशेष अदालत ने 12 अप्रैल को अभियुक्त मुख्तार अंसारी को साल 2000 में कारापाल और उप कारापाल पर हमला करने, जेल में पथराव करने और जानमाल की धमकी देने के मामले में आरोप तय करने के लिए व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।भाई का आरोप- मुख्तार को रास्ते में खाना-पानी नहीं दिया गया मुख्तार अंसारी के बड़े भाई और गाजीपुर से बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी ने पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा लाते समय मुख्तार अंसारी के साथ अमानवीय बर्ताव किए जाने का आरोप लगाया है। अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया कि रोपड़ जेल से बांदा लाते समय मुख्तार अंसारी के साथ किसी दरिंदे सरीखा अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तकरीबन 15 घंटे की यात्रा में मुख्तार अंसारी को रास्ते में न तो पानी पीने को दिया गया और न ही भोजन करने दिया गया। अफजाल का आरोप- मुख्तार को नींद का इंजेक्शन दिया गयाअफजाल ने आरोप लगाया, ‘अमानवीय व्यवहार के कारण मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ गई। मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में आधी बेहोशी की हालत में लाया गया। उसका मधुमेह और रक्तचाप बढ़ गया है। जेल में चिकित्सक की अनुशंसा को जेल प्रशासन स्वीकार नहीं कर रहा। उपचार कराने के बजाय मुख्तार अंसारी को नींद का इंजेक्शन लगाया गया है।’पुलिस की टीम में थे इतने लोगअत्याधुनिक हथियारों से लैस बांदा पुलिस का एक दल पंजाब की रोपड़ जिला जेल में बंद मुख्तार अंसारी को लेने के लिए सोमवार सुबह रवाना हुआ था। इस दल में पीएसी की एक टुकड़ी के अलावा करीब 80 पुलिस जवान और अधिकारी शामिल थे। इस दल का नेतृत्व प्रयागराज के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रेमप्रकाश और चित्रकूटधाम रेंज बांदा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के. सत्यनारायण ने किया।जनवरी 2019 से पंजाब में बंद था मुख्तारमुख्तार अंसारी को जबरन वसूली के एक मामले में पंजाब की रोपड़ जेल में रखा गया था। मुख्तार अंसारी को यहां लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और पंजाब सरकार के बीच उच्चतम न्यायालय में मुकदमा चला। उच्चतम न्यायालय ने 26 मार्च को मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश भेजने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने पंजाब की जेल में बंद अंसारी को दो सप्ताह में उत्तर प्रदेश भेजे जाने का निर्देश दिया। मुख्तार अंसारी जबरन वसूली के मामले में जनवरी 2019 से पंजाब की जेल में बंद रहा। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार के मुताबिक, अंसारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत विभिन्‍न राज्‍यों में 52 मामले दर्ज हैं। कुमार ने एक बयान में बताया कि उत्तर प्रदेश और अन्‍य राज्‍यों में अंसारी के खिलाफ 52 मामले दर्ज हैं और इनमें 15 में तफ्तीश चल रही है।मुख्तार पर कई पुलिसकर्मियों की हत्या करने का आरोपउन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी पर पूर्वांचल में कई जघन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने और कई पुलिसकर्मियों की हत्या करने का भी आरोप है। अंसारी ने प्रदेश के कुख्यात अपराधियों और शूटरों का एक गिरोह बनाया और सीमावर्ती राज्य बिहार के शहाबुद्दीन गिरोह से भी संपर्क बनाकर रखा।कुमार ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश सरकार ने अंसारी गिरोह के गुर्गों और उसे शरण देने वालों पर आर्थिक कार्रवाई की और अंसारी एवं उसके सहयोगियों की करीब 192 करोड़ की संपत्ति जब्त और नष्ट की गई।’ मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)